GST से कपडा बाज़ार में हडकंप, 7 दिन के बंद से 25 हज़ार करोड़ के नुकसान की आशंका

जयपुर(28 जून): GST के प्रावधानों को लेकर राजस्थान के कपडा बाज़ार में जबरदस्त हडकंप मचा हुआ है। साडी और हाथ से बनी पारंपरिक साड़ियों को पहली बार टेक्स के दायरे में लाने का विरोध करते हुए व्यापारियों ने अनिश्चितकाल तक अपनी दुकाने बंद कर दी है जिसके चलते राजस्थान के कपडा बाज़ार को हर रोज 500 करोड़ रूपये का नुक्सान हो रहा है।

- GST पर साडी और दुसरे कपडों को भी 5 से 15 फीसदी टेक्स के दायरे में ला दिया। नतीजा व्यापारी अपना रोजमर्रा का व्यापार छोड़कर अब सड़कों पर उतर आये हैं।

-  GST को लेकर कपड़ा और साडी व्यवसाय 27 से 30 जून और 30 जून से 3 जुलाई तक प्रदेश की 1200 करोड़ रूपये प्रतिदिन की कमाई करने वाली सभी 247 कपडा मंडियां बंद रहेगी। जिसके चलते प्रदेश की व्यापारिक और कारोबारी गतियिधियां पूरी तरह ठप्प हो गयी है। खुद कपडा व्यापारी मानते हैं की 7 दिनों के इस बंद के चलते राजस्थान के कपडा बाज़ार को 25 हज़ार करोड़ रूपये तक का नुक्सान सहन करना पड़ सकता है।

- दरअसल व्यापारियों का कहना है की वे पहले से ही टेक्स को लेकर होने वाली कागज़ी कार्यवाहियों से परेशान है ऐसे में इन पारंपरिक कपड़ों को भी टैक्स के दायरे में लाने के चलते उनकी मुश्किलें और भी बढ़ जायेंगी।

- इसके अलावा ये व्यापारी कपडे और सूती धागे पर 5-5 फीसदी, कपड़ा प्रोसेस पर 18 फीसदी , कपड़ा बिक्री पर 5 फीसदी और कपड़ा तैयार करने पर 12 से 18 फीसदी टैक्स लगाए जाने का भी विरोध कर रहे हैं।

-  इनका कहना है की पिछले 10 सालों में कपड़ा वैसे भी 200 फीसदी महंगा हो चुका है ऐसे में GST के नए प्रावधानों से यह

और भी महंगा हो जाएगा और मंदी के इस दौर में यह GST व्यापारियों के हित में नहीं होगा।