वसुंधरा सरकार ने शिक्षकों को वेब पोर्टल के लिए 5000 रुपये चंदा जमा करने का दिया आदेश

केजे श्रीवत्सन, जयपुर (8 अगस्त): राजस्थान सरकार ने अपने शिक्षकों के लिए एक अजीबों गरीब फरमान जारी किया है। इसके तहत सभी शिक्षकों को 5-5 हजार रूपये चंदे के रुप में जमा करने का टारगेट दिया गया है। इस राशि से सरकार ज्ञान संपर्क पोर्टल और मुख्यमंत्री शिक्षा दान कोष स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गृह जिले झालावाड के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी इस आदेश ने पुरे इलाके के अध्यापकों की नींद उड़ा रखी है। 

इस आदेश में प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के सभी सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को ना केवल ज्ञान संपर्क पोर्टल और मुख्यमंत्री शिक्षा दान कोष की स्थापना की सूचना दी गयी है बल्कि उनसे इसे तैयार करवाने के लिए 5000 रूपये की राशि को जमा करने का टारगेट भी दिया गया है। यानी की अब राजस्थान के गुरूजी स्कुलो में पढ़ाने के साथ साथ गांव-गांव और घर-घर जाकर चंदा जमा करेंगे। शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी का कहना है कि उनके विभाग ने इस तरह का आदेश किए हैं लेकिन यह अनिवार्य नहीं है।

दरअसल इस पोर्टल और कोष का मकसद राजकीय विद्यालयों की मूलभूत आवश्यकताओं के अनुसार सीएसआर, भामाशाहों, संस्थाओं क्राउड फंडिंग के माध्यम से धनराशि जमा करना और स्कूलों के विकास में विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए दानदाताओं का सहयोग प्राप्त करना है। साथ ही एक मकसद आम लोगों का भी विद्यालयों से जुड़ाव पैदा करना है। इससे जुडी समस्त जानकारी इस वेब पोर्टल पर होगी, लेकिन अध्यापकों में इस बात को लेकर नाराजगी है की शिक्षा के काम के साथ-साथ कई बार उन्हें मौके -बेमौके सर्वे जैसे दुसरे कई कामों की भी जिम्मेदारी दे दी जाती है जिसके चलते अध्यापक कक्षाओं में कम और सड़कों पर ज्यादा घूमते फिरते दिखाई देते हैं। जिसका सीधा असर छात्रों की पढाई पर पढता है। ऊपर से कई लोगों से चंदा जमा करने के दौरान इन्हें फजीहत का भी सामना करना पड़ रहा है।