राजस्थान: जमीन के नीचे दबा खजाना ढूंढने न्यूजीलैंड से आए 3 प्लेन

नई दिल्ली(16 जून): राजस्थान के पाली से जालोर-सिरोही, बाड़मेर गुजरात तक की करीब 59 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली अरावली पहाडियों और यहां जमीन के नीचे दबी खनिज संपदा को तलाशने के लिए हवाई सर्वे होगा।

- यह सर्वे पूरे देश में खनिज मंत्रालय और भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग की आेर से करवाया जा रहा है।

- इस सर्वे का काम न्यूजीलैंड की निजी कंपनी कर रही है। इसी सर्वे के लिए न्यूजीलैंड के ही तीन विशेष हवाई जहाज सोजत हवाई पट्टी पर उतरे हैं।

- पाली पहुंचे जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, हैदराबाद के उप महानिदेशक डॉ. पीआर गोलानी ने बताया कि पाली समेत सिरोही, जालोर, बाड़मेर और गुजरात बॉर्डर के 59 हजार 111 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में यह एयरो बोर्न जियो फिजिक्स सर्वे हो रहा है।

- सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे एनालिसिस कर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। मेक्फार इंटरनेशनल कंपनी के प्रोजेक्ट ऑपरेशन डायरेक्टर, सुभाषचंद्र विश्वास ने बताया कि जिला प्रशासन की स्वीकृति मिलने के बाद यह तीन प्लेन सोजत हवाई पट्टी पर उतरे हैं। जल्द ही सर्वे को लेकर कार्य शुरू हो जाएगा। साथ ही 25 लोगों की टीम भी दो दिन में पाली पहुंचेगी, जिसमें वैज्ञानिक और इंजीनियर शामिल हैं। हमें अक्टूबर तक यह काम करना है। प्लेन से डाटा कलेक्शन कर हम इसकी रिपोर्ट विभाग के वैज्ञानिकों को सौंपेंगे।

- खनन मंत्रालय और भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग की ओर से 7 अप्रैल को इस सर्वे की शुरुआत हुई थी। पूरे देश के 8 लाख 13 हजार 59 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में यह सर्वे होगा।

- दावा किया जा रहा है कि पाली समेत आस-पास के क्षेत्रों में जमीन के नीचे खनिज संपदा मिलने की संभावना ज्यादा है। 59 हजार वर्ग किमी पाली, जालोर, सिरोही, बाड़मेर गुजरात बॉर्डर के क्षेत्रों में सर्वे का सेंटर सिवाणा अधिकारियों ने बताया कि इस सर्वे में पाली जिले से लेकर जालोर का सिवाणा जहां ग्रेनाइट की अधिकता है और सिरोही का आबूरोड और माउंट क्षेत्र भी शामिल है।