'मीसाबंदियों' को वसुंधरा सरकार ने दिया नया नाम, अब कहलाएंगे 'लोकतंत्र के रक्षक'

जयपुर (12 दिसंबर): आपात काल के दौरान जेल गए मीसाबंदियों के राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने नया नाम दिया है। वसुंधरा सरकार के इस फैसले के बाद अब राजस्थान में मीसा बंदी 'लोकतंत्र के रक्षक' कहलाएंगे। वसुंधरा सरकार ने मीसा बंदियों को 'लोकतंत्र सेनानी' का दर्जा देते हुए इनके लिए लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि के साथ-साथ उन्हें पेंशन और चिकित्सा सुविधा देने का भी ऐलान किया है।

मीसाबंदियों के मामलों को लेकर गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट सब कमेटी बैठक में मीसा बंदियों का नाम लोकतंत्र रक्षक करने सहित कई सिफारिशें की गई है। यह बैठक सितंबर महीने में हुई थी। सब कमेटी ने मीसा डीआईआर बंदी पेंशन नियम का नाम बदलकर लोकतंत्र रक्षक सम्मान निधि नियम करने को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद मंगलवार को सरकार ने इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

मीसा डीआईआर बंदियों को अभी 12 हजार रुपए प्रतिमाह की पेंशन मिलती है वहीं सालाना चिकित्सा भत्ता भी मिलता है।