राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मंत्री पद को लेकर कवायद तेज, राहुल से आज मिलेंगे तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 दिसंबर): तीन राज्य राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने और मुख्यमंत्रियों के शपथ के बाद अब मंत्री पद को लेकर मंथन तेज हो  गया है। इसी कड़ी आज राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहोलत और सचिन पायलट दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ भी राहुल गांधी से मुलाकात कर अपने संभावित मंत्रिमंत्रल को लेकर चर्चा करेंगे।



सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक 200 विधानसभा सीट वाले राजस्थान में पहले चरण में 12 से 15 विधायकों को मंत्री पद से शपथ दिलाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट के कैबिनेट में पहले चरण में जगह पाने के लिए राजस्थान कांग्रेस के कई विधायक और बड़े नेता दिल्ली में डटे हुए हैं और अपने-अपने लिए लॉबिंग कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक राजस्थान में 24 दिसंबर तक मंत्रिमंडल का गठन किया जा सकता है और उन्हें शपथ भी दिलाया जा सकता है। लेकिन सीएम गहलोत और डिप्टी सीएम पायलट के बीच जिस तरह से खेमेबाजी की खबर आ रही है ऐसे में मंत्रिमंडल की गुत्थी को सुलझा कांग्रेस अध्यक्ष के लिए आसान नहीं होगा। आपको बात दें कि पिछली कांग्रेस सरकार में भी मंत्रिमंडल गठन में 11 दिन का समय लगा था। वहीं 2013 में वसुंधरा सरकार में भी चुनाव परिणाम आने के 12 दिन बाद मंत्रिमंडल का गठन हुआ था।


230 विधानसभा सीट वाले मध्यप्रदेश में भी मंत्रिमंडल का गठन मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस अध्यक्ष के लिए आसान नहीं है। हालांकि कमलनाथ दिल्ली में ही डटे हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी से मुलाकात से पहले कमलनाथ मध्यप्रदेश के केंद्रीय पर्यवेक्षक एके एंटनी से मिलकर मंत्रिमंडल के नामों पर विचार करेंगे। इसके बाद ये लिस्ट राहुल गांधी को देंगे। जहां राहुल गांधी ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय के समर्थन वाले विधायकों का भी ख्याल रखेंगे। इससे पहले कमलनाथ ने गुरुवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर सत्र को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि 15वीं विधानसभा का पहला सत्र नए साल में 7 जनवरी से शुरू होगा। 8 जनवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा।


वहीं 90 सीट वाले छत्तीसगढ़ में भी मंत्रिमंडल के गठन की राह आसान नहीं है। राज्य में मुख्यमंत्री की रेस में एक दो नहीं बल्कि चार-चार कांग्रेस के नेता शामिल थे। ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस अध्यक्ष के लिए मंत्रिमंडल का चयन भी टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। जानकारी के मुताबिक पहले चरण में छत्तीसगढ़ में 10 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इस रेस में सत्यनारायण शर्मा, रविन्द्र चौबे और मोहम्मद अकबर का नाम सबसे आगे हैं। दरअसल 2019 में होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर तीनों राज्यों में पहले मुख्यमंत्री और अब मंत्रियों का चयन कांग्रेस अलाकमान के लिए आसान नहीं है। आगामी आम चुनाव  के मद्देनजर मंत्रिमंडल में एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के सदस्यों को बराबर का दर्जा देने की कांग्रेस के सामने चुनौती है।