बीजेपी नेता जसवंत सिंह की पुत्रवधू का आह्वान, वसुंधरा सरकार को उखाड़ फेंको

केजे श्रीवत्सन, न्यूज 24 ब्यूरो, जयपुर (14 सितंबर ): राजस्थान विधानसभा चुनावों से ठीक पहले रेतीली धोरों की गरमाती सियासत ने भाजपा को चिंता में डाल दिया है। एसा लग रहा है की बीजेपी को फिर से सत्ता में लाने के लिए दमखम लगा रही वसुंधरा राजे के लिए उन्ही की पार्टी में शामिल कुछ बड़े नेता सबसे बड़ी परेशानी साबित हो रहे हैं।

अभी पार्टी के बड़े नेता घनश्याम तिवारी के बीजेपी से अलग होने का झटके से पार्टी पूरी तरह उभर भी नहीं पायी थी की पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेन्द्र सिंह ने सरकार खासकर वसुंधरा राजे की कार्यशेली के खिलाफ बगावत का संकेत दिया है। मारवाड़ संभाग में बड़ी पकड़ रखने वाले मानवेन्द्र सिंह 22 सितम्बर को पचपदरा में बड़ी रैली के जरिये "स्वाभिमान सम्मलेन" करके ना केवल अपनी राजनितिक ताकत का एहसास करायेंगे बल्कि उनके कांग्रेस में शामिल होने के भी कयास जोरो पर हैं।

जसवंत सिंह की बहु और बीजेपी विधायक मानवेन्द्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम स्वाभिमानी लोग अब निर्णय लेना चाहते हैं दाता हुकुम ( जसवंत सिंह ) ने तो इस पार्टी को बनाने का काम किया है ऐसे महान नेता के साथ इतना कुछ किया जा रहा है। बाड़मेर की जनता इसे नहीं भूली है। यह युद्द पूरा करने का समय आ गया है। ईश्वर ने हमें मौका अच्छा दिया है और वसुंधरा सरकार को गिराना है यही आपसे निवेदन है। वसुंधरा गौरव यात्रा पर निकली है ना जाने किस गौरव की बात कर रही है।  

लेकिन एक क्षत्राणी जब अपने ही समाज के लोगों के बीच कड़ी होकर ऐसे शब्द बोलती है तो अंदाज़ा लगाया जा सकता है की आक्रोश किस कदर का होगा। इन शब्दों को बोल रही यह महिला और कोई नहीं बल्कि जसवंत सिंह की बहु और बीजेपी विधायक मानवेन्द्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह हैं।  जो की जसवंत सिंह और अपने बीजेपी विधय्तक पति की वसुंधरा राजे द्वारा की जा रही अवहेलना से इस इअदर नज़र है की खुलकर वसुंधरा राजे के खिलाफ आ गयी है।

दरअसल राजस्थान की राजनीती में कभी जसवंत सिंह बहुत बड़ा नाम हुवा करता था, लेकिन जब से पार्टी में उनकी अनदेखी शुरू हुवी, मानों राजपूतों  को मनाने वाले नेता की जगह ही रिक्त हो गयी. पिछले कई वर्षों से बाड़मेर की राजनीति में शह और मात का आधार जातीय ध्रुवीकरण रहा है और जाति के जाजम पर खेले जाने वाले इस खेल में जसवंत सिंह और मानवेंद्र सिंह जाट विरोधी राजनीति का दांव आजमाते रहे हैं। पहले अपने पिता जसवंत सिंह की और अब खुद की अनदेखी से परेशान उनके बेटे ने अब खुलकर  बीजेपी से बगावत कर दी है।  

भाजपा से नाराज शिव विधायक मानवेंद्र ने स्वाभिमान रैली का बिगुल बजाते हुए अपने इरादे बता दिए हैं। वहीं, आगामी दिनों में यहां की सियासत में बड़े फेर-बदल के आसार नजर आने लगे हैं। 22 सितंबर को पचपदरा में होने वाली स्वाभिमान रैली को सफल बनाते हुए अपनी ताकत को दिखाने के लिए मानवेंद्र जनसम्पर्क में जुटे हैं।

भाजपा के संस्थापक सदस्य और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने पार्टी से तौबा करने का मन बना लिया है. बाड़मेर के शिव क्षेत्र से विधायक मानवेंद्र ने 22 सितंबर को ज़िले के पचपदरा में स्वाभिमान सभा बुलाई है।

सियासी गलियारों मे चल रही चर्चा के मुताबिक इस सभा में वे कांग्रेस का दामन थामने की घोषणा करेंगे.हालांकि मानवेंद्र सिंह ने अधिकृत रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन वे इसे नकार भी नहीं रहे। वे फिलहाल सब कुछ स्वाभिमान सभा पर छोड़ रहे हैं। यहाँ तक की उनकी पत्नी चित्रा सिंह ने घूंघट से राजस्‍थान की वसुधरा राजे सरकार पर सीधा हमला करते हुवे कहा कि उखाड़ फेंको ऐसी सरकार को जो स्वाभिमान की रक्षा नहीं करती है. क्यों की अब युद्ध को खत्म करने का समय आ गया है।