गुर्जरों की दहाड़, फिर झुकी वसुंधरा सरकार, आरक्षण पर समझौता

नई दिल्ली ( 21 मई ): गुर्जर आरक्षण आंदोलन समिति ने राजस्थान सरकार से समझौते के बाद राजस्थान में 23 मई से शुरू होने वाला अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। सरकार ने गुर्जर नेताओं को भरोसा दिलाया है कि ओबीसी के वर्गीकरण को लेकर रोहिणी कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार भी एक समिति गठित करेगी। यह कमेटी सिफारिशों पर फैसला लेगी। इसके तुरंत बाद समिति के नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला(सेवानिवृत्ति) ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।राजस्थान सरकार में संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि सरकार इनकी मांगों को लेकर हमेशा से ही गंभीर रही है। हमने बातचीत के लिए बुलाया है, उनकी बातें भी सुनी है। पूर्व में भी हमने गंभीरता दिखाई थी आगे भी संवेदनशील ही रहेंगे।राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनावों के ठीक पहले गूर्जर समुदाय के आंदोलन के ऐलान ने सरकार की परेशानियां बढ़ा दी थी। "अबकी बार-आखिरी बार" नारे के साथ किये जाने वाले इस आरक्षण आंदोलन को लेकर सरकार इस बार कोई चूक नहीं करना चाहती थी क्योंकि की चुनाव में वोट बैंक पर इसका सीधा असर पड़ता।इसी का नतीजा तत्काल गुर्जर नेताओं को बुलाकर 10 घंटे की मैराथन बातचीत के बाद 16 बातों पर समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किये गए जिसके तहत गुर्जरों की मांग के अनुसार ओबीसी कोटा के उप-विभाजन के लिए अपनी सहमति दी है।