पहलू खान केस: CM गहलोत का एलान- वसुंधरा सरकार की भूमिका की जांच होगी

केजे श्रीवत्सन, न्यूज 24, राजस्थान (18 अगस्त): राजस्थान सरकार ने पहलु खां मामले में अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की भूमिका की जांच होगी। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अब कोर्ट में पहलू खान जैसे मामलों की मॉनिटरिंग सरकार करेगी। सीएम गहलोत ने कहा कि पहलू खान की हत्या के मामले में वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली पिछली बीजेपी सरकार की भूमिका की भी जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पहलू खान मामले में पिछली सरकार ने लापरवाही की। तभी आरोपियों के खिलाफ सबूत नहीं मिल सके और वे बरी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अब इस तरह के मामलों की जांच के लिए मॉनिटरिंग सेल बनाई जाएगी। 

बता दें कि हाल ही में राजस्थान सरकार ने पहलू खान की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले की जांच एसआईटी से कराने का फैसला लिया है। राजस्थान सरकार ने यह फैसला तब लिया, जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अलवर की निचली अदालत के फैसले को चौंकाने वाला बताया। कांग्रेस सरकार मामले की जांच फिर से कराने के लिए एसआईटी गठित करेगी। गौरतलब है कि अलवर की निचली अदालत ने 14 अगस्त को पहलू खान मामले के 6 आरोपियों को बरी कर दिया था। 

सीएम गहलोत की माने तो इसके लिए गठित SIT 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी और उसी के आधार पर सरकार उपरी अदलत में इस पुरे मामले को चुनोती भी देगी। साथ ही राजस्थान सरकार ने जघन्य अपराधो की रोकथाम और इनसे जुड़े मामलों की जाँच के लिए के लिए ADGP रेंक के अधिकारी की निगारनी में अलग से मोनिटरिंग सैल के गठन करने इसमें 2 लीगल एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया है, ताकि जाँच में कोई लापरवाही ना बरती जाए।

दरअसल राजस्थान में कांग्रेस का शासन आते ही शुरुवाती 3 महीने में ही करीब 28 प्रतिशत अपराध बढ़ गए। जिनमें सर्वाधिक 43 प्रतिशत अपराध महिलाओं के मामले में बढ़े हैं। पिछले तीन सालों में प्रदेशभर में दुष्कर्म के मामले भी बढे। साल 2016 में जहाँ दुष्कर्म के 3,656 केस दर्ज हुए थे, वहीँ साल 2017 में 3,305 साल 2018 में 4,335 और साल 2019 में अब तक 2500 से भी अधिक दुष्कर्म के मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमे 148 अनुसूचित जाति की महिलाओं को बलात्कार का शिकार बनाया जाना अभी शामिल है। जाहिर है की राज्य में महिलाओं की आबरू सुरक्षित नहीं होने के आरोपों के साथ चोरी, डकैती, अपहरण व हत्या तथा लूट सहित बाकी अपराध की 85 हजार वारदातें दर्ज होना सरकार के लिए परेशानी का सबब हैं।