राजस्थान बॉर्डर पर बीएसएफ तैयार, सीमा से सटे गांवों में धारा 144

 

नई दिल्ली(2 अक्टूबर): राजस्थान के चार जिलों में पाकिस्तान से लगती कुल 1037 किलोमीटर की सीमा पर इन दिनों कड़ी पहरेदारी है। बीएसएफ जहां अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी चौकसी रखे है वहीं सीमा से सटे गांवों में भी धारा 144 लगा दी गयी है। 

- हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच न्यूज़ 24 की टीम ने पाकिस्ताम से सटे राजस्थान के एक  सबसे सेंसेटिव बोर्ड पर जाकर ग्रउंड रिपोर्ट का जायजा लिया।

- यूं तो सीमा सुरक्षा बल की इस पेट्रोलिंग पार्ट को हर रोज ही कड़ी चौकसी की हिदायत देकर अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगे फेंसिंग के पास भेजा जाता है लेकिन इन दिनों सर्जिकल स्ट्राइक के साथ उरी की नापाक हरकत और उसके द्वारा बौखलाहट में उठाये जाने वाले कदमों से ख़ास तौर पर सतर्क रहने की हिदायत दी गयी है। बताया गया कि या तो घुसपैठियों को पाकिस्तान सीमा पार भेज सकता है या फिर गोलीबारी की घटना को अंजाम देकर दुश्मन अपनी बौखलाहट को बता सकता है। ऐसे में किस तरह दुगनी सतर्कता की जरुरत है की दुश्मन की हर हरकत नाकाम हो जाए।

- दरअसल पाकिस्तान से सटे राजस्थान के चार जिलों की 1033 किलोमीटर की सीमा है। पाकिस्तान से लगी राजस्थान की सबसे लंबी 433 किलोमीटर की सीमा जैसलमेर में है जबकि बाड़मेर में 233 किलोमीटर , श्री गंगानगर की 211 किलोमीटर और बीकानेर की 160 किलोमीटर का क्षेत्र पाकिस्तानी सीमा से लगा हुवा है।  पूरे 1033 किलोमीटर की राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए बीएसएफ की 300 बोर्डर  आउट पोस्ट है जहां 35 से 40 हज़ार जवान दिन रात सरहदों की चौकसी और निगरानी में जुटे हुवे हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हर 3-4 किलोमीटर की चौकसी का जिम्मा एक बॉर्डर आउट पोस्ट के जिम्मे है। और यहां करीब 25 से ज्यादा ऑपरेशनल बटालियन तैनात है। घुसपैठ, तस्करी, असामाजिक तत्वों का प्रवेश और ISI की गतिविधियों को देखते हुवे यह सीमा संवेदनशील होने के चलते सीज़ भी कर दी गयी है। हाल ही में पाकिस्तान ने जैसलमेर के पास अपनी सीमा में अचानक युद्सभ्यास भी शुरू कर दिया। तो चौकसी को और बढाने की जरुरत महसूस की गयी। बीएसएफ के जवान भी उरी और सर्जिकल स्ट्राइक से परिचित है और वे खुद महसूस कर रहे है कि इसके बाद पाकिस्तान किसी भी हरकत को अंजाम दे सकता है