राजस्थान विधानसभा में हंगामा करना पड़ा महंगा, 14 विधायक सस्पेंड

जयपुर (26 अप्रैल):  राजस्थान विधानसभा में हंगामा करना कांग्रेस के विधायकों पर भारी पड़ गया है। विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने अनुशाहनहीनता के आरोप में कांग्रेस के 12 विधायकों के साथ-साथ उनका साथ देने वाले एक बीएसपी विधायक और एक निर्दलीय विधायक को एक साल के लिए निलंबित कर दिया है।

राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के शुरू में ही पूरक प्रश्न पूछने के मामले को लेकर विपक्ष के हंगामें के चलते सदन की कार्यवाही तीन बार में दो घंटे तक स्थगित की गई और इसके बाद एक बजकर 36 मिनट पर सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई। आसन की ओर से सख्त रवैया अपनाते हुए अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि सदन नियमों के अनुसार अनुशासन से चलेगा और इसमें सत्तापक्ष एवं विपक्ष किसी सदस्य द्वारा की गई अनुशासनहीनता को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों द्वारा गत तीन दिनों से सदन में बिना कारण ही हुड़दगबाजी कर कार्यवाही को बाधित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरंक्षण देना आसन की जिम्मेदारी है लेकिन विपक्ष उसकों अध्यक्ष की कमजोरी समझने की भूल कर रहा है। मेघवाल ने कहा कि विपक्षी सदस्य कार्रवाई के दौरान ही जब चाहे बोलना शुरू कर देते है और जनता की समस्याओं को सही तरीके नहीं उठाते है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के मुख्य सचेतक कालुलाल गुर्जर ने इन सदस्यों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसहमति से पारित कर 14 सदस्यों को एक साल तक सदन की कार्यवाही से निलंबित किया गया तथा सुरक्षा गार्डों को इनके नामों की सूची दी गई और इन्हें सदन में नहीं आने देने के निर्देश गए।