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भारत का एक-एक राज्य अलग-अलग देश: राज ठाकरे

महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के विरोध की राजनीति कर अपनी पहचान बनाने वाले राज ठाकरे ने रविवार को मुंबई में उत्तर भारतीय महापंचायत को संबोधित किया। राज ठाकरे ने इस दौरान भारत के

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न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (3 दिसंबर): महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के विरोध की राजनीति कर अपनी पहचान बनाने वाले राज ठाकरे ने रविवार को मुंबई में उत्तर भारतीय महापंचायत को संबोधित किया। राज ठाकरे ने इस दौरान भारत के राज्यों की तुलना यूरोप के देशों से की और कहा कि भारत का एक-एक राज्य अलग-अलग देश की तरह है। राज ठाकरे ने एक बार फिर महाराष्ट्र में नौकरियों पर मराठियों के पहले हक की बात भी दोहराई।

उत्तर भारतीय महापंचायत में पहुंचे एमएनएस चीफ राज ठाकरे ने पहली बार हिन्दी में भाषण दिया। पहली बार हिन्दी में अपना राजनीतिक एजेंडा साफ किया और पहली बार उत्तर भारतीयों को सीधे संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने फिर साफ तौर पर कहा कि महाराष्ट्र में मिलने वाले हर अवसर पर पहला हक सिर्फ मराठियों का है। राज ठाकरे ने इस दौरान भारत के राज्यों की तुलना यूरोप के देशों से की और कहा कि भारत का एक-एक राज्य अलग-अलग देश की तरह है।

अपने राजनीतिक एजेंडा की वकालत करते हुए राज ठाकरे ने इंटर-स्टेट माइग्रेशन एक्ट का भी ज़िक्र किया और कहा कि भारत में इस एक्ट को सही से समझा ही नहीं गया है। उत्तर भारतीयों को संबोधित करते वक्त भी ना तो राज ठाकरे के राजनीतिक रुख में बदलाव ना था और ना ही उनके तेवरों में। राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में बढ़ते क्राइम से लेकर प्रदेश पर बढ़ रहे बोझ तक के लिए सीधे तौर पर दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया।

राज ठाकरे ने इस दौरान अमिताभ बच्चन का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक्टर्स फिल्में तो मुंबई में करते हैं लेकिन चुनाव अपने गृह राज्य से लड़ते हैं, ऐसे में उन्हें भी अपने प्रदेश की बात करने का हक है। राज ठाकरे के भाषण में सियासत की झलक भी देखने को मिली। ठाकरे ने फिर मोदी पर निशाना साधा और कहा जब गुजरात से यूपी और बिहार के लोग भगाए जा रहे तो मोदी से क्यों नहीं सवाल किया गया और वो खामोश क्यों थे।

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