Flashback- राज कपूर के प्यार में दीवानी थीं नर्गिस, इस वजह से हुए थे अलग !

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के पहले शो मैन राज कपूर 2 जून 1988 को हमेशा के लिए दुनिया छोड़कर चले गए थे। राज कपूर एक बेहतरीन एक्टर ही नहीं फिल्म इंडस्ट्री के कामयाब फिल्म मेकर भी रहें। राजकपूर वक्त से आगे सोचते थे। जितनी चर्चा उनकी फिल्मों की होती है उतनी ही बातें राज कपूर और नर्गिस के मोहब्बत की भी होती है।  

एक हाथ में वॉयलिन और एक हाथ में नरगिस फिल्म बरसात का यहीं सीन आर के बैनर का लोगो बन गया । राज और नर्गिस के अधूरे प्यार का प्रतीक बन गया । राज कपूर और नरगिस ने 9 सालोंमें 16 फिल्मों में साथ काम किया। फिल्म बरसात से शुरू हुआ इश्क का अफसाना चोरी चोरी तक जारी रहा।

नरगिस ने फिल्म बरसात से ही राज कपूरपर कुर्बान होने लगी थी। राज की मुहब्बत उनके रूह तक उतर गई थी। लेकिन राज कपूर नरगिस की जिंदगी में आने से पहले ही कृष्णा राज कपूरके साथ सात फेरे ले चुके थे पर नरगिस की मुहब्बत में इतनी आग की थी कि राज कपूर चाह कर भी उनसे दूर नहीं हो पा रहे थे। उनका परिवार टूटने के कगार पर आ गया था।ये मुहब्बत इतनी गहरी हो गई थी कि राजकपूर के साले प्रेमनाथ ने राजकपूर को ये रिश्ता तोड़ने की धमकी भी दी थी। राजकपूर के घर में भी सबको पता चल गया था कि राज कपूर और नरगिस में क्या चल रहा था। राज और नरगिस की जोड़ी सात समंदर पार भी सुपरहिट थी। राज कपूर और नरगिस साथ साथ रूस जाते थे।लेकिन रूस में ही राज कपूर और नर्गिस के बीच अलगाव हुआ। फिल्म श्री 420 के रूस में रिलीज होने पर जब मास्को लाल चौराहे पर राज कपूर का नागरिक अभिनंदन किया गया। उसी रात राज कपूर ने नरगिस से कहा- आई हैव डन इट। इसके पहले वो हर सक्सेस पर कहते थे- वी हैव डन इट। राज कपूर के अनजाने में कहे गए एक शब्द ने उनके और नरगिस के प्यार में दरार डाल दी और नर्गिस उनसे नाराज होकर अकेली इंडिया लौट आई और 1956 तक नर्गिस ने आर के स्टूडियो भी छोड़ दिया। राज कपूर से अलग होने के दो साल बाद ही नर्गिस ने सुनील दत्त से शादी कर लीष 25 साल बाद ऋषिकपूर के शादी में नरगिस पति सुनील दत्त और बेटे संजय के साथ आर.के.स्टूडियो गई थी। उस यादगार मुलाकात में राज कपूर भी चुप रहे और नर्गिस भी लेकिन इस चुप्पी को तोड़ा सुनील दत्त ने तब जाकर राज कपूर और नर्गिस में बात चीत शुरू हुई। नर्गिस राज कपूर को भूल कर अपने परिवार में रम गई और शो मैन राज कपूर भी फिल्में बनाने में मशगुल रहे। नर्गिस और राज कपूर का प्यार भले हीअधूरा रहा लेकिन नर्गिस का जिक्र किए बगैर ना तो राज कपूर की कहानी पूरी होती है और ना राज कपूर के बगैर नर्गिस की।