खाने की क्वॉलिटी के लिए क्वॉन्टिटी से समझौता करेगा रेलवे!

नई दिल्ली ( 5 जून ): अब भारतीय रेलवे खाने की गुणवत्ता के लिए उसकी मात्रा को कम करने जा रहा है। रेलवे यह योजना पहले राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में शुरू करेगा। रेलवे की इस पहल के बाद ट्रेन में मिलने वाले खाने का वजन 150 ग्राम तक घट सकता है।इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक इंडियन रेलवे केटरिंग ऐंड टूरिजम कॉरपोरेशन (IRCTC) ने यह प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के मुताबिक ट्रेन में मिलने वाले खाने के आइटम्स जैसे सूप, ब्रेड स्टिक्स, बटर और सैंडविच यात्रियों की प्लेट से गायब हो सकते हैं। इसके अलावा पूरा मील देने की जगह रेलवे यात्रियों को सिर्फ वेजिटेरिअन और नॉन-वेजिटेरिअन राइस कॉम्बो भी दे सकती है।खबर के मुताबिक केटरिंग एक्सपर्ट्स के एक पैनल ने आईआरसीटीसी को बताया है कि ट्रेनों में दिए जाने वाले खाने का वजन 900 ग्राम होता है जबकि एक सामान्य भारतीय की डायट 750 ग्राम ही होती है। आईआरसीटीसी को इस वजह से काफी नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। अभी आईआरसीटीसी को एक प्लेट पर 112 रुपये मिलते हैं जबकि उसकी असल कीमत 150 रुपये प्रति प्लेट से भी अधिक हो चुकी है।रेल मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता बरकरार रखना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि यात्रियों को कम कीमत पर अधिक मात्रा में खाना दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस नई पहल से खाने की क्वॉलिटी सुनिश्चित करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने आगे बताया कि आईआरसीटीसी ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेज दिया है।