यात्री को दिया 1000 साल आगे का टिकट, अदालत ने रेलवे पर ठोका जुर्माना

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 14 जून ): भारतीय रेलवे की एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। सहारनपुर में रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटर से एक यात्री को एक हजार साल आगे का टिकट दे दिया। इतना ही नहीं, चेकिंग के दौरान फर्जी टिकट बताते हुए उसे टीटीई ने बीच रास्ते में ही ट्रेन से उतार दिया।इस मामले में सहारनपुर की एक उपभोक्ता अदालत ने टिकट पर गलत तारीख लिखने के लिए रेलवे पर जुर्माना लगाया है और यात्री को मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामला सहारनपुर के प्रदुमन नगर निवासी रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. विष्णु कांत शुक्ला का है। उन्हें नवंबर 2013 में किसी काम से जौनपुर जाना था, लेकिन उनके टिकट पर 2013 की जगह पर 1000 साल आगे की डेट लिखी थी। शुक्ला को टीसी ने गलत टिकट होने के कारण सीट से उतार दिया गया। इस मामले में उपभोक्ता अदालत ने बुजुर्ग यात्री को मुआवजा देने का फैसला दिया है।विष्णु कांत शुक्ला ने नवंबर 2013 में रिजर्वेशन काउंटर से हिमगिरी एक्सप्रेस का एसी थ्री टियर का टिकट बुक कराया था, लेकिन लक्सर में चेकिंग के दौरान स्टाफ ने उनके टिकट पर 19 नवंबर 3013 देखकर उसे फर्जी करार दिया। फर्जी टिकट के कारण स्टाफ ने मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर प्रोफेसर को नीचे उतार दिया। उन्होंने इसकी शिकायत रेलवे में की लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।सहारनपुर लौटने के बाद शुक्ला ने रेलवे के खिलाफ उपभोक्ता कोर्ट में जाकर शिकायत की। उन्होंने उत्तर रेलवे जीएम, डीआरएम अंबाला और स्टेशन अधीक्षक को पार्टी बनाया। केस का फैसला आने में 5 साल लग गए। कोर्ट ने फैसला बुजुर्ग यात्री के पक्ष में दिया और रेलवे पर 10 हजार रुपए का हर्जाना और 3 हजार रुपए अतिरिक्त मुआवजे के तौर पर शुक्ला को देने का आदेश दिया।