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मार्च 2019 तक सभी ट्रेनों में होंगे बायो-टॉयलेट

पीयूष गोयल के मुताबिक मार्च 2019 तक 100 प्रतिशत रेलगाड़ियों में बायो टॉयलेट लग चुके होंगे जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। रेल की पटरियां साफ होंगी, बदबू नहीं होगी और पटरियों के नवीकरण का भार भी कम होगा। उन्होंने कहा कि प्रति इकाई 2.5 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले वैक्यूम टॉयलेट बदबू रहित होंगे।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 24 जून ): भारतीय रेल की लगभग सभी रेलगाड़ियों में बायो-टॉयलेट लगाने के बाद अब उनकी जगह अडवांस वैक्यूम बायॉ-टॉयलट लगाने की तैयारी चल रही है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि कि विमानन कंपनियों के साथ बराबरी करने के लिए रेलवे अपनी सुविधाओं में सुधार कर रहा है और ट्रेनों में बायो-टाॅयलेट की जगह आधुनिक टॉयलट लगाना इसी योजना का हिस्सा है।रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि विमानन कंपनियों के साथ बराबरी करने के लिए रेलवे अपनी सुविधाओं में सुधार कर रहा है और ट्रेनों में बायो टॉयलेट की जगह आधुनिक टॉयलेट लगाना इसी योजना का हिस्सा है। गोयल ने कहा, हम विमानों जैसे ट्रेनों में भी प्रायोगिक तौर पर वैक्यूम बायो टॉयलेट लगा रहे हैं। करीब 500 वैक्यूम बायो टॉयलेट का आर्डर दिया गया है।पीयूष गोयल के मुताबिक मार्च 2019 तक 100 प्रतिशत रेलगाड़ियों में बायो टॉयलेट लग चुके होंगे जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। रेल की पटरियां साफ होंगी, बदबू नहीं होगी और पटरियों के नवीकरण का भार भी कम होगा। उन्होंने कहा कि प्रति इकाई 2.5 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले वैक्यूम टॉयलेट बदबू रहित होंगे। इसमें मौजूदा टॉयलेट के मुकाबले पानी का इस्तेमान पांच प्रतिशत कम होगा और इसके अवरुद्ध होने का अंदेशा भी बहुत कम होगा।

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