महंगे डीजल से हिला रेलवे, बिजली से चलाई जाएंगी ट्रेनें !


मनीष कुमार, नई दिल्ली (12 सितंबर): डीजल के बढ़ती कीमतों की मार से भारतीय रेलवे भी अछूता नहीं है। रेलवे का परिचालन लागत लगातार बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि सरकार ने ब्रॉड गेज वाले रेल नेटवर्क पर पूरी तरह इलेक्ट्रिक ट्रेनें ही चलाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी की बैठक में भारतीय रेलवे के ब्रॉड गेज रुट्स पर 100 फीसदी इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा करने का फैसला लिया है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक ब्रॉड गेज रेल रुट्स के 100 फीसदी इलेक्ट्रफिकेशन के बाद इन ट्रैक्स पर केवल इलेक्ट्रिक इंजन ही चला करेंगी। जिससे रेल यात्रा तो सुरक्षित होगी ही साथ ही रेलवे की क्षमता का विस्तार होगा, औसत स्पीड बढ़ेगी, ईंधन पर खर्च घटने से आर्थिक हालत में सुधार होगा और प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।  

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में भारतीय रेल के बचे हुये अनइलेक्ट्रिक ब्रॉड गेज रुट्स, जो 108 सेक्शन में कुल 16540 ट्रैक किलोमीटर है, 12134.50 करोड़ रुपये की लागत से इन ब्रॉड गेज रेलवे रुट्स के विद्युतिकरण का फैसला लिया गया है। इन रेलवे ट्रैक्स के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम 2021-22 तक पूरा कर लिये जाने का लक्ष्य रखा गया है।  

100 फीसदी रेलवे के ब्रॉड गेज के विद्युतिकरण किये जाने से आयातित ईंधन की मांग कम होगी।
सलाना 2.83 बिलियन लीटर हाई स्पीड डीजल की बचत होगी। बड़ी मात्रा में ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम हो सकेगा। डीजल इंजन से इलेक्ट्रिक इंजन बदलने का समय बचेगा। डीजल लोको मोटिव की तुलना में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के मेंटेनेंस का खर्च आधा होता है। मौजूदा समय में एक तिहाई गुड्स ट्रेन और आधे से अधिक यात्री ट्रेन इलेक्ट्रिक ट्रैकों पर चलते हैं और केवल 46 फीसदी रेलवे रूट का ही विद्युतिकरण हुआ है।