ट्रेन एक्सीडेंटः बिना कॉशन ट्रैक पर चल रहा था मरम्मत कार्य ?

नई दिल्ली (20 अगस्त):  मुजफ्फरनगर के खतौली के पास उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटना के असली कारणों का पता तो जांच के बाद ही चलेगा लेकिन अभी जो जानकारी निकल कर सामने आ रही है वो यह है कि इस ट्रैक पर पिछले कई दिनों से रेलवे की पटरी पर काम चल रहा था और ट्रैक पर किसी तरह का कोई कॉशन नहीं लगा था। स्थानीय मीडिया का कहना है कि बिना कॉशन रेल टैक पर काम करने की शिकायत करने के बावजूद किसी रेलवे अधिकारी की आंख नहीं खुली। ऐसा बताया जाता है कि 12 अगस्त को भी एक अखबार ने रेलवे ट्रैक पर बिना कॉशन काम करने की खबर प्रकाशित की गयी थी। 

क्या है कॉशनः
 रेलवे ट्रैक पर मरम्मत के दौरान कॉशन (लाल झंडी) लगा देते हैं, ताकि वहां से गुजरने वाली ट्रेन की स्पीड 20 से भी कम हो। धीमी गति में ट्रेन वहां से आसानी से निकली जाती हैं। कॉशन को देखकर ट्रेन ड्राइवर समझ जाते कि पटरी पर मरम्मत चल रही है। इसके अलावा जोन के नियंत्रण कक्ष को भी ट्रैक पर चल रहे मरम्मत कार्य की जानकारी दी जाती है। नियंत्रण कक्ष जिन दो स्टेशनों के बीच मरम्मत कार्य चल रहा होता है, उनके स्टेशन मास्टरों को निर्देशित करता है कि ट्रेन के ड्राईवर और गार्डों को कॉशन दिया जाये। इसके अलावा मरम्मत कार्य से पहले वाले क्रासिंग पर तैनात कर्मचारी भी ट्रेन के ड्राइवरों को आगे धीरे-धीरे चलने का संकेतों से कॉशन देते हैं।