चलती ट्रेन से उतरकर मंच पर पहुंचे रेल मंत्री सुरेश प्रभु, इधर खोजते रहे नेता

लखनऊ (6 जून): रेल मंत्री सुरेश प्रभु हमेशा तत्काल कार्रवाई करने के मामले को लेकर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने सबको चौंका दिया है। लेकिन इस बार वे किसी कार्रवाई को लेकर नहीं बल्कि ट्रेन से उतरकर सबको चौंका दिया। जी हां, सही पढ़ा आपने। दरअसल, सोमवार को दिन में 12 बजे स्पेशल ट्रेन से प्रभु दिल्ली से मेरठ पहुंचे। इस दौरान ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म पर पहुंची और उसकी रफ्तार कम हुई, वे चलती ट्रेन से नीचे उतर गए और मंच की ओर अकेले ही चल दिए।

बता दें कि मेरठ स्टेशन पर उनकी अगवानी के लिए नेता तथा अफसर फूल-माला लेकर खड़े थे। वे उन्हें कोच की तरफ ढूंढते रहे। जैसे ही उनकी नजर मंच की तरफ सुरेश प्रभु पर पड़ी वे स्टेशन छोड़ मंच की ओर बढ गए और उनका स्वागत किया।

प्रभु यहां गाजियाबाद-मेरठ-सहारनपुर रूट पर विद्युतीकरण परियोजना का शिलान्यास करने आए थे। इस दौरान उन्होंने मेरठ सिटी स्टेशन पर एस्केलेटर और लिफ्ट का शिलान्यास किया। 

उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार के दो साल की उपलब्धियों का बखान करते हुए कहा कि गत दो वर्ष में रेलवे ने अकेले यूपी में 4500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। भविष्य में भी कई बड़ी योजनाएं होनी हैं।

उन्होंने कहा कि ईस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर भी मेरठ से होकर गुजर रहा है। यह बहुत बड़ी परियोजना है। इसके लिए 85 हजार करोड़ की राशि मंजूर की गई है। फ्रेट कॉरीडोर आने से यहां पर मालगाड़ी का ट्रैफिक घट जाएगा, जिससे नई यात्रियों की जरूरत के लिए नई रेलगाडिय़ां भी चलाई जा सकेंगी