लंबी दूरी की ट्रेनों में भीड़ घटाने की कवायद, ट्रेनों में बढ़ेंगे थर्ड AC कोच

नई दिल्ली (22 अप्रैल): आने वाले वक्त में ट्रेनों में सैकेंड क्लास से ज्यादा थर्ड क्लास में टिकटें मिलेंगी। आमदनी बढ़ाने और स्लीपर क्लास के लोगों को थर्ड एसी में लाने के लिए रेलवे ने ये कवायद शुरु कर दी है। रेल मंत्रालय ने ये फैसला किया है कि 20-21 कोचों वाली ट्रेनों में कोच की संख्या बढ़ाने के लिए सिर्फ 3 एसी कोच ही लगाएं जाएगें। इस फैसले के पीछे रेल की बड़ी दलील ये है कि सैकेंड एसी के मुकाबले थर्ड एसी में 26 ज्यादा यात्री सफर कर पाएंगे और भीड़ का दबाव कम होगा साथ ही रेल का तर्क ये भी है कि थर्ड एसी में टिकट न मिलने की स्थिति में ही यात्री सैकेंड एसी का टिकट कराते है। ऐसे स्थिति में थर्ड एसी की संख्या बढ़ाने पर रेलवे की आमदनी भी बढ़ेगी।


रेलवे के आंकड़ें के मुताबिक एक अप्रैल 2016 से 10 मार्च 2017 के बीच लंबी दूरी की ट्रेनों में 3 एसी कोचों में 17 फीसदी यात्रियों ने सफर किया जो यात्री भाड़े से हुई सारी आमदनी का 32.60 फीसदी है। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष 16.69 फीसदी के मुकाबले इस वर्ष यात्रियों की भागीदारी 17.15 फीसदी होने से 3 एसी की मांग बढ़ रही है।


इतना ही नहीं पिछले साल एक अप्रैल 2016 से दस मार्च 2017 के बीच यात्रियों से होने वाली आय भी 32.60 फीसदी से बढ़कर 33.65 फीसदी हो गई। स्लीपर क्लास से इस अवधि में 59.78 फीसदी यात्रियों ने यात्रा की और यात्री भाड़े से होने वाली आमदनी में 44.78 फीसदी का योगदान किया। पिछले वर्ष स्लीपर क्लास ने 60 फीसदी यात्रियों को सफर कराया और इससे उसे 45.94 फीसदी की आमदनी हुई।