रेलवे के इस कदम से बढ़ेगी महंगाई

नई दिल्ली (23 अगस्त): अभी रिजर्व बैंक के नए गवर्नर के रूप में उर्जित पटेल के नाम का ऐलान ही हुआ है कि उनके सामने रेलवे ने एक नई समस्या खड़ी कर दी है। दरअसल, माल भाड़े से कमाई बढ़ाने की कोशिश में रेलवे बोर्ड ने दूरी सीमा में बदलाव कर कोयले की ढुलाई पर लगने वाला टैरिफ बढ़ा दिया है।

रेलवे के इस फैसले से माल ढुलाई की दरों में 19 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। साथ ही सीमेंट और बिजली कंपनियों के मुनाफे में भी कमी आ सकती है। रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को प्रति टन के हिसाब से कोयला ढुलाई की किराया सूची में बदलाव किया है। बोर्ड कोयले की ढुलाई के लिए लोडिंग और अनलोडिंग, दोनों जगहों पर प्रति टन 55 रुपये की दर से कोल टर्मिनल चार्ज (सीटीएस) लगाने की योजना बना रहा है। नई दरें 100 कि.मी. से ज्यादा की दूरी की ढुलाई पर लागू होंगी।

भारतीय रेल माल और यात्री भाड़े से होने वाली आमदनी में गिरावट से परेशान है। पिछले साल के मुकाबले इस साल जुलाई में माल भाड़े से हुई उसकी आमदनी में 7.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इधर, उपभोक्ता मूल्यों में भी पिछले महीने 6.07 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है जो अनुमान से कहीं ज्यादा है। ऐसे में माले भाड़े की दर में प्रस्तावित वृद्धि से इन्फ्लेशन बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। ऐसे में रिजर्व बैंक चाह कर भी नीतिगत ब्याज दरों में कटौती नहीं कर पाएगा।