2021 तक 35,000 करोड़ रुपये से पूरे नेटवर्क का इलेक्ट्रिफिकेशन करेगा रेलवे

नई दिल्ली(27 अक्टूबर): रेलवे अगले 4 सालों में 35,000 करोड़ रुपये खर्च कर अपने पूरे नेटवर्क के इलेक्ट्रिफिकेशन करने जा रहा है। इलेक्ट्रिफिकेशन के बाद रेलवे सालाना ईंधन के 10,500 कोरड़ रुपये बचा पाएगा। अभी 66,000 हजार किलोमीटर के रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफिकेशन किया जाना है।

-  इस काम के लिए ईरकॉन, राइट्स, पीजी, पीजीसीआईएल जैसी सरकारी एजेंसियों के अलावा कई प्राइवेट एजेंसीज की भी मदद ली जाएगी।

- इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोसेस को तेज करने के लिए रेलवे शुक्रवार को एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है। इस कॉन्फ्रेंस में कई ग्लोबल कंपनिया हिस्सा लेंगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल भी कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। 

- बिल को कम करने के लिए रेलवे की योजना डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों की जगह बिजली का उत्पादन करने वाली कंपनियों से डायरेक्ट बिजली लेने की है। इससे रेलवे को सालाना 25,00 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान है। रेलवे हर साल औसतन 95,00 करोड़ रुपये का बिजली बिल और 17,000 करोड़ रुपये का डीजल बिल चुकाता है। अगले 5 सालों में रेलवे को 5,000 इलेक्ट्रिक इंजनों की जरूरत होगी। अभी उसके पास 44,00 इलेक्ट्रिक इंजन है। वाराणसी और पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन के कारखाने में बिजली के इंजन का निर्माण होगा। अगले साल मधेपुरा के इंजन कारखाने में भी प्रॉडक्शन का काम शुरू हो जाएगा।