रेलवे ने 'प्रमोशन' का फंडा बदला, तरक्की चाहिए तो करना होगा ये काम...

कुन्दन सिंह, नई दिल्ली (29 जून): रेलवे ने अपने टॉप अफसरों के प्रमोशन का फंडा बदल दिया है। रेलवे के बड़े अफसरों को अब प्रमोशन उनके कामकाज के आधार पर मिलेगा। बिल्कुल, प्राइवेट सेक्टर की तरह। प्रमोशन के दौरान ये भी देखा जाएगा कि अफसर की वजह से रेलवे की कमाई कितनी बढ़ी। रेलवे के अच्छे दिन लाने के लिए प्रभु ने सबसे पहले टॉप अफसरों के प्रमोशन को कमाई और परफॉमेंस से जोड़ दिया है। 

भारतीय रेल के अच्छे दिन लाने के लिए प्रभु लगातार नए-नए नुस्खे आजमा रहे हैं। लेकिन, न तो रेलवे की रफ्तार में कोई खास अंतर आ रहा है, न कमाई बढ़ रही है। अब रेल मंत्रालय ने अब सबसे पहले अपने टॉप लेबल के अफसरों का पेंच कसने की पूरी तैयारी कर ली है। रेलवे में जीएम और उससे ऊपर के अफसरों के प्रमोशन के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। हाल में जोनल मैनेजर और डीआरएम के साथ बड़े अफसरों को भेजे गए निर्देश में साफ-साफ कहा गया है कि प्रमोशन के लिए अब खुद के साबित करना होगा।    न्यूज़ 24 के पास रेलवे के खास निर्देश की कॉपी भी मौजूद है। जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि किसी भी अफसर की परफॉर्मेंस मापने के लिए अलग-अलग आधार होंगा।  23 जून को रेलवे बोर्ड के सेक्रेटरी की ओर से जारी किए गए निर्देश के मुताबिक रेलवे बोर्ड जोन के महाप्रबंधकों से एमओयू साइन करेंगा। जिसमें तय होगा कि किस जोन को सालाना कितना काम करना है, जिसमें निर्माण से लेकर ऑपरेशन तक शामिल है।  

अब आपको बताते हैं रेलवे के टॉप अफसरों के परफॉर्मेंस का आधार क्या होगा?

माल ढुलाई- 10 नंबर यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी-10 नंबर ओवर ऑल ग्रोथ- 5 नंबर गैर किराया कमाई- 5 नंबर रेल लाइनों का दोहरीकरण- 5 नंबर नई लाइन बनाना- 5 नंबर इलेक्ट्रिफिकेशन- 5 नंबर रूट पर रेलवे की औसत स्पीड बनाना- 5 नंबर 

जैसे कई मानक तय किए गए हैं। इससे पहले रेलवे अफसरों का प्रमोशन उनके सालाना सीआर और APR यानी एनुअल परफारमेंस एपराइसल के आधार पर होती थी। लेकिन, अब प्रमोशन के नियम बदल गए हैं। मतलब, अगर रेलवे की अच्छी कमाई हुई, तो ही बड़े अफसरों की मौज होगी।