पहली बार आम बजट में शामिल होगी रेल, कई बड़े ऐलान संभव

नई दिल्ली (1 फरवरी):  आम बजट में रेलवे के लिए विशेष हिस्सा रखा गया है। उम्मीद है कि बजट में दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई मार्गों पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाने तथा सुरक्षा बढ़ाने पर 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन और कृषि उत्पादों के लिए विशेष तरह की ट्रेनें शुरू करने की घोषणा की जायेगी। आजादी के बाद बने संविधान के बाद  पहला मौका होगा जब रेलवे का बजट अलग न होकर आम बजट का हिस्सा होगा। सरकार के सुधार एजेंडा को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली इस बार रेल बजट को अलग से पेश की जाने वाली पुरानी परंपरा को खत्म करेंगे। इस साल यह आम बजट का ही हिस्सा होगा, जिसमें अगले वित्त वर्ष के लिए आम बजट में रेलवे के लिए वित्त, परियोजनाओं और प्रारूप को लेकर कुछ पैराग्राफ होंगे।

इसके अलावा, नई पटरियां बिछाना, निजी क्षेत्र की भागीदारी से स्टेशनों का आधुनिकीकरण एवं पुनर्विकास, विद्युतीकरण के साथ-साथ रेल विकास प्राधिकरण और उच्च गति रेल प्राधिकरण का गठन इस साल रेल बजट का हिस्सा हो सकता है।

देश के प्रमुख रेलमार्गों पर ट्रेनों की गति बढ़ाकर 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा तक करने की महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा भी की जा सकती है, जिसमें 21,000 करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई मार्ग की बाड़बंदी शामिल है।

जेटली बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दे सकते हैं, जिसमें नई रेल लाइनों का विकास, लाइनों का दोहरीकरण, स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा उन्नयन शामिल है।