हवाई जहाजों की तरह मिलेंगे ट्रेन टिकट-पीक सीजन में महंगे और ऑफ सीजन में सस्ते

नई दिल्ली (26 जुलाई): अब रेलगाड़ियों के किराये में भी हवाई जहाज और दिल्ली मेट्रो की तरह उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। रेल मंत्रालय लंबी दूरी की ट्रेनों व उपनगरीय सेवा का किराया व्यस्त (पीक) और सामान्य (ऑफ पीक) सीजन के आधार पर तय करेगा। सस्ती हवाई सेवा और सड़क परिवहन से मुकाबला करने के लिए कुछ श्रेणियों में किराया कम भी हो सकता है। वहीं, कुछ प्रमुख रूट और उपनगरीय ट्रेनों का किराया 30 फीसदी तक बढ़ सकता है।
तीन माह में लागू हो सकता है 

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे यात्री किराया ढांचे में बदलाव के लिए रेलवे बोर्ड के पांच कार्यकारी अधिकारियों की टॉस्क फोर्स बनाई थी, जिसने13 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। अगर टास्क फोर्स की सिफारिश मान ली जाती है तो अधिकतम तीन माह के अंदर यह नियम लागू हो सकता है। रिपोर्ट में मेल-एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों का किराया पीक और ऑफ पीक सीजन के आधार पर तय करने की सिफारिश की गई है। वहीं, उपनगरीय ट्रेनों में पीक ऑवर्स के आधार पर किराया तय किया जाएगा।