News

2017 वित्त वर्ष से नहीं पेश होगा रेल बजट!

नई दिल्ली(13 अगस्त): वित्त वर्ष-2017 से रेलवे के लिए अलग बजट नहीं बनेगा। इस तरह साल 1924 से चला आ रहा यह सिलसिला वहीं खत्म हो जाएगा क्योंकि वित्त मंत्रालय रेल बजट को आम बजट में ही मिला देने के प्रस्ताव पर सहमत हो गया है।

- एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने पांच सदस्यों की एक समिति बनाई है जो दोनों बजटों के विलय के तौर-तरीकों पर काम करेगी। इस विलय के बाद हर साल रेल बजट पर होने वाला रेल मंत्री का भाषण अब सुनने को नहीं मिलेगा।

- सरकार की यह पहल इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के वर्षों में और खासकर 1996 के बाद आई गठबंधन सरकारों में राजनीति पर दबदबा रखनेवालों ने रेल बजट का इस्तेमाल अपनी छवि बनाने में किया था।

- रेल मंत्रालय अक्सर क्षेत्रीय दिग्गजों के अधीन रहा, इसलिए रेल बजट में रेल मंत्री की राजनीतिक प्राथमिकताओं को ही ज्यादा तवज्जो दी जाती रही। इस दौरान विभागीय नौकरशाहों की ओर से भी कड़ा प्रतिरोध सामने आया। लेकिन, चमक-दमक का त्याग करने की रेल मंत्री सुरेश प्रभु की तत्परता से रेल बजट की परंपरा पर अब विराम लगने जा रहा है क्योंकि लोकसभा में पूर्ण बहुमत की वजह से बीजेपी रेल मंत्रालय का जिम्मा अपने सहयोगी दल को देने की बजाय इसे अपने पास रखने में सक्षम हो पाई है।

 

 

 


Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 and Download our - News24 Android App . Follow News24online.com on Twitter, YouTube, Instagram, Facebook, Telegram .

Tags :

Top