सीधे रेल किराए में इजाफा होने के आसार कम, ऐसे जनता से वसूलेगी सरकार

नई दिल्ली (31 जनवरी): यह पहली बार होगा जब रेल बजट पेश नहीं होगा। हालांकि सरकार ने इसके पीछे यह कारण बताया था कि रेल घाटे में चल रही है और उसको उसके बजट से ज्यादा पैसे हर बार देना पड़ता है तो ऐसे में अलग से रेल बजट का कोई मतलब नहीं है।

वैसे सूत्रों से मिली जानकारी की मानें तो सरकार इस बार चुपके से रेल किराए में भी बढ़ोत्तरी कर सकती है। इसके पीछे सरकार सुविधाओं को बढ़ाना एक बड़ा कारण बता सकती है। हालांकि पहली बार आम बजट के साथ पेश किए जा रहे रेल बजट में सीधे रेल किराए में इजाफा होने के आसार कम हैं। इस साल भी बीच-बीच में किराया बढ़ाने का ऑप्शन सरकार अपना सकती है।

रेल सफर में छूट के लिए जरूरी किया जा सकता है आधार

- सरकार बजट में रेल सफर पर छूट या रियायतों के लिए आधार नंबर को जरूरी बनाने पर विचार कर रही है।

- रेलवे में करीब 50 कैटेगरी में टिकट में छूट मिलती है। इनमें सीनियर सिटीजन, स्टूडेंट्स, रिसर्च स्कॉलर, टीचर्स, डॉक्टर्स, नर्स, मरीज, खिलाड़ी, बेरोजगार युवा और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी शामिल हैं।

रेलवे में सेफ्टी पर रहेगा जोर, नए ट्रेनों के एलान की गुंजाइश कम

- बढ़ते रेल हादसों के मद्देनजर आम बजट में रेलवे में सेफ्टी बढ़ाने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के फंड का एलान हो सकता है।

- नई ट्रेनों का एलान होने की भी गुंजाइश कम है।

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