गरीबों के पैसे से उद्योगपतियों के 8 लाख करोड़ रुपये माफ करना चाहती है सरकार- राहुल गांधी

दादरी, यूपी (13 दिसंबर): कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला तेज कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी के फैसले से केंद्र सरकार ने एक झटके में गरीबों से उनकी कड़ी मेहनत से कमाए गए धन को लूटकर उन्हें ‘धनरहित’ बना दिया है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी ने आठ नवंबर की रात घोषणा करके देश के गरीबों के खिलाफ लड़ाई छेड़ दी। उन्होंने कहा कि इस तरह काले धन को सफेद बनाने का तरीका उपलब्ध करवा दिया गया है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा,'कुछ बड़े कारोबारियों ने बैंक से 8 लाख करोड़ का कर्ज ले रखा है, जो वे लौटा नहीं रहे है। प्रधानमंत्री उनसे पैसा वसूल नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उन्होंने ही उनकी मार्केटिंग की थी। इसलिए प्रधानमंत्री ने आपको लाइन में खड़ा करा दिया, ताकि बैंक काम कर सकें।'बैंकों को बचाने के लिए आपको लाइनों में लगाया गया है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने ‘चुनिंदा उद्योगपतियों’ को फायदा पहुंचाने और उन्हें ‘आठ लाख करोड़ रूपये’ का कर्ज देने वाले बैंकों के लिए कर्ज माफी की राह साफ करने के वास्ते नोटबंदी करके गरीबों को अपना धन निकालने से ‘रोक’ दिया है।

राहुल ने कहा, ”ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया कि गरीब लोग अपना पैसा बैंकों में जमा करवा दें, जिसका इस्तेमाल बैंकों द्वारा इन उद्योगपतियों को दिए गए आठ करोड़ रूपये के कर्ज का भुगतान करने में किया जाएगा। मोदीजी चाहते हैं कि गरीबों का धन अगले छह से आठ महीनों तक बैंकों में ही रखा रहे।”

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के इस कदम से देश को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर हर बार अपना अलग उद्देश्य बता रहे हैं जिसमें काले धन को सामने लाने से लेकर जाली नोटों की समस्या से निबटने तक की बात शामिल है।

उन्होंने कहा, ”सौ रूपये में से केवल दो पैसा ही नकला है। मोदीजी द्वारा घोषणा करने के दो ही दिन बाद मार गिराए गए आतंकियों के पास से नए नोट बरामद हुए थे। उस पर वह कहते हैं कि वह कैसलेस अर्थव्यवस्था बनाएंगे। गरीबों के पास बिलकुल भी धन नहीं बचा है, निश्चित ही उन्होंने इसे कैशलेस बना दिया है।”

राहुल गांधी की बड़ी बातें...

-उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए नोटबंदी

-बैंकों का घाटा पूरा करने के लिए नोटबंदी

-जो चोर थे उन्होंने बैक डोर अपना पैसा सफेद किया

-गरीब लोग बैंकों की लाइनों में हैं और उन्हें कुछ नहीं मिल रहा

-गरीबों के बचत के पैसे को सरकार ने छीन लिया

-गरीबों का पैसा बैंकों में फंसा

- जो ईमानदार लोग हैं उन्हें लाइन में लगा दिया

-कोई भी बड़ा आदमी बैंकों की लाइन में नहीं दिख रहा, ये फैसला गरीब विरोधी

-काला धन खत्म करने का मकसद बताया गया था, लेकिन अब कैशलेस होने की बात हो रही

-गरीबों के पैसे से पीएम अपने उद्योगपति दोस्तों का कर्ज माफ करेंगे