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बिहार में महागठबंधन के साथ राहुल गांधी की बैठक

तीन राज्यों में मिली कामयाबी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2019 में होने वाले आम चुनाव में महागठबंधन को जल्द से जल्द साकार रूप देना चाहते हैं। इसकी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज दिल्ली में बिहार के एनडीए विरोधी पार्टियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 दिसंबर): तीन राज्यों में मिली कामयाबी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2019 में होने वाले आम चुनाव में महागठबंधन को जल्द से जल्द साकार रूप देना चाहते हैं। इसकी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज दिल्ली में बिहार के एनडीए विरोधी पार्टियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। राहुल गांधी आज आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, शरद यादव  और जीतनराम मांझी समेत कई नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के शामिल होने की भी संभावना है।  आपको बता दे कि सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी से बात नहीं बन पाने की वजह से पिछले दिनों उपेंद्र कुशवाहा एनडीए से अलग हो गए थे।

इस बैठक की अध्यक्षता राहुल गांधी करेंगे, जिसमें सीट शेयरिंग और लोकसभा चुनाव की रणनीति तय होगी। इस बैठक में राजद नेता तेजस्वी यादव, हम के नेता जीतनराम मांझी सहित महागठबंधन के तमाम नेता शिरकत करेंगे और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखेंगे। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने रह गए हैं और एनडीए के साथ-साथ महागठबंधन में भी सीट शेयरिंग का मामला फंसा हुआ है।

आपको बता दें कि तेलुगू पार्टी अध्यक्ष और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू  नायडू बीजेपी विरोधी पार्टियों को एकजुट करने के लिए 'महागठबंधन' की कोशिश में जुटे हैं। संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले चंद्रबाबू नायडू ने बीजेपी विरोधी पार्टियों की दिल्ली में एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, नेशनल कान्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी, अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल, द्रमुक  अध्यक्ष एमके स्टालिन, आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव, राष्ट्रीय लोक दल के अजित सिंह और लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया।  हालांकि, इस बैठक में उत्तर प्रदेश के दोनों पूर्व  मुख्यमंत्री मायावती और अखिलेश नदारद रहे। इस बैठक में सांसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार को घेरने के लिए साझा रणनीति पर चर्चा हुई थी।

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