राहुल गांधी का फारूक अब्दुल्ला को करारा जवाब, कहा- तीसरे देश की मध्यस्ता से नहीं स्वीकार


नई दिल्ली (21 जुलाई): कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला को उस बात को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कश्मीर के मुद्दे को सुलझाने के लिए अमेरिका की मध्यस्ता की वकालत की थी। राहुल गांधी ने कहा कि कश्मीर पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और इस मसले पर भारत को किसी तीसरे देश की मध्यस्ता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा। राहुल गांधी ने कहा कि जो कह रहा है कि चीन और पाकिस्तान से कश्मीर पर बात होनी चाहिए, तो बता दूं कि कश्मीर इज इंडिया और इंडिया इज कश्मीर। ये हमारा आंतरिक मामला है, इसमें किसी और को कुछ लेना-देना नहीं है।

हालांकि कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि आज आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की वजह कश्मीर जल रहा है। मैं काफी समय से कह रहा हूं कि पीएम मोदी और एनडीए की सरकार ने कश्मीर को जला दिया है।

आपको बता दें कि फारुख अब्दुल्ला ने कहा है कि कश्मीर के मुद्दे पर भारत को अमेरिका और चीन की मदद स्वीकार कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम लोग चीन और पाकिस्तान से युद्ध नहीं कर सकते हैं, क्योंकि हमारी तरह उनके पास भी एटम बम हैं। इसलिए इस मुद्दे को बातचीत से ही सुलझाना चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा कि दोस्तों का इस्तेमाल बातचीत करने के लिए, मुद्दे को हल करने के लिए कीजिए। डोनाल्ड ट्रंप ने खुद कहा, चीन ने भी कहा कि वे कश्मीर समस्या का हल चाहते है। वाजपेयी ने कहा था कि दोस्त बदले जा सकते हैं, पड़ोसी नहीं। फारुख अब्दुल्ला के इस बयान की देशभर में निंदा हो रही है।