नोटबंदी के खिलाफ राहुल का हल्ला बोल, देशभर में करेंगे रैली

नई दिल्ली (15 दिसंबर): नोटबंदी का आज 37वां दिन है और कमोबेश देशभर में आम लोगों के पास कैश की भारी किल्लत है। हालांकि कालेधन के कारोबारियों के पास से भारी मात्रा में नए नोट जब्त हो रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच सड़क से लेकर संसद तक संग्राम जारी है। सरकार जहां नोटबंदी को पीएम मोदी का ऐतिहासिक फैसला करार देने में जुटी है वहीं इस मुद्दे पर लामबंद विपक्ष इसे गरीब, किसान विरोध बताने में जुटा है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी खुलकर पीएम मोदी के नोटबंदी का विरोध कर रहे हैं। राहुल गांधी के मुताबिक पीएम मोदी के इस फैसले से देश के गरीब, किसान, मजदूर बेहाल हैं और कैश की किल्लत की वजह से परेशान देश की जनता के साथ वो खड़े हैं। राहुल का मानना है कि मोदी सरकार का नोट बंदी का फैसला फ्लॉप होने के साथ-साथ पूरी तरह से फेल हो गया है। उन्होंने नोटबंदी को इसे देश के लिए आपदा बताया है। इसी मुद्दे पर वे 19 और 22 दिसंबर उत्तर प्रदेश में रैली करेंगे। इसके बाद 23 दिसंबर को देहरादून में भी राहुल गांधी का रैली करने का कार्यक्रम है।

एक ओर जहां राहुल गांधी देश के अलग-अलग हिस्सों में नोटबंदी के खिलाफ रैली और जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता और बड़े नेता देशभर में प्रदेशों की राजधानियों में जाकर इस फैसले के फेल होने की और इससे लोगों को हो रही परेशानियों का जिक्र करेंगे। सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने एक सर्वे कराया है। इस सर्वे के मुताबिक नोटबंदी के शुरुआती दौर में प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाली वाहवाही अब गुस्से में तब्दील हो गई है। इसी के मद्देनजर कांग्रेस नेताओं की बैठक में राहुल गांधी दोटूक कहा है कि नोट बंदी फेल हो चुकी है। आम जनता और गरीब किसान इस फैसले से सबसे अधिक परेशान हैं।