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नोटबंदी, राफेल बहुत बड़े घोटाले, सब दोषियों को मिलेगी सजा: राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील और नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर एक बार फिर हमला किया है। मोदी सरकार में आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रह्मण्यन ने नोटबंदी को तगड़ा झटका करार दिया। अरविंद सुब्रह्मण्यन के इस बयान के बाद राहुल गांधी को मोदी सरकार पर हमला करने का एक और मौका मिल गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राफेल की तरह नोटबंदी भी देश के खिलाफ किया गया एक अपराध था और यह एक बहुत बड़ा घोटाला है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि खुद को बचाने के लिए पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर इससे अलग हो गए और अब अरविंद सुब्रह्मण्यन भी वैसा ही कर रहे हैं।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 30 नवंबर ): कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील और नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर एक बार फिर हमला किया है। मोदी सरकार में आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रह्मण्यन ने नोटबंदी को तगड़ा झटका करार दिया। अरविंद सुब्रह्मण्यन के इस बयान के बाद राहुल गांधी को मोदी सरकार पर हमला करने का एक और मौका मिल गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राफेल की तरह नोटबंदी भी देश के खिलाफ किया गया एक अपराध था और यह एक बहुत बड़ा घोटाला है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि खुद को बचाने के लिए पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर इससे अलग हो गए और अब अरविंद सुब्रह्मण्यन भी वैसा ही कर रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मैं हैरान हूं कि जब वह सरकार के इस कदम से इतने असहमत थे तो तभी उन्होंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया। राहुल गांधी ने कहा कि देश को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, जो भी दोषी होगा उसको सजा मिलेगी।

दरअसल अरविंद सुब्रह्मण्यन ने नोटबंदी को एक बड़ा झटका करार देते हुए कहा कि नोटबंदी इकोनॉमी के लिए एक खतरनाक और तगड़ा झटका था। इससे अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार तेजी से गिरने लगी। उन्होंने कहा कि इस एक कदम से चलन में 86 फीसदी मुद्रा बाहर निकाल दी गई थी। नोटबंदी का असर रियल जीडीपी पर देखने को मिला।

अरविंद ने कहा कि कि इकोनॉमी की रफ्तार वैसे पहले से ही धीमी थी लेक‍िन नोटबंदी के बाद यह और भी तेजी से गिरने लगी। उन्होंने अपनी किताब 'ऑफ काउंसेल: द चैलेंजेस ऑफ द मोदी-जेटली इकोनॉमी' में लिखा कि नोटबंदी से पहले की 6 तिमाही में अर्थव्यवस्था की रफ्तार 8 फीसदी की दर से थी। नोटबंदी के बाद की बात करें, तो इसके बाद 7 तिमाही में इकोनॉमी की रफ्तार घटी और यह 6.8 फीसदी पर आ गई।

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