राहुल गांधी पर हुए हमले पर संसद में बोले राजनाथ, कहा- कांग्रेस उपाध्यक्ष ने सुरक्षा मानदंड़ों का उल्लंघन किया

नई दिल्ली(8 अगस्त): कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हुए हमले के मामले को उठाकर हंगामा किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरात में राहुल पर पथराव का मामला उठाते हुए कहा कि वह शहीद का बेटा है और हम ऐसे हमले से नहीं डरेंगे। कांग्रेस ने राहुल की हत्या की साजिश का आरोप लगाया। कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल ने खुद ही सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया और बुलेट प्रूफ गाड़ी नहीं ली। राजनाथ ने राहुल पर आरोप लगाया कि वह गुजरात में आपदा पर्यटन के लिए गए थे। इस मसले पर हंगामे की वजह से लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।

मंगलवार को मल्लिकार्जुन खड़गे ने जैसे ही राहुल गांधी पर हमले का मामला उठाया कांग्रेस सांसद मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। खड़गे के सवालों पर जवाब देने के लिए खड़े हुए राजनाथ सिंह को शोर और नारेबाजी के बीच अपनी बात रखनी पड़ी। कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी राष्ट्रीय नेता हैं और संसद के सम्मानित सदस्य हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि 4 अगस्त को राहुल के दौरे से पहले एक अगस्त को ही गुजरात सरकार को पूरा विस्तृत कार्यक्रम भेज दिया गया था। राज्य पुलिस को 3 अगस्त को पूरा विस्तृत कार्यक्रम भेज दिया गया था। 


राजनाथ सिंह ने कहा, 'राहुल गांधी को एसपीजी की सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए उनके दौरे को लेकर एएसएल (अडवांस सिक्यॉरिटी लिएजन) की कार्रवाई पहले ही कर ली गई थी। उनकी सुरक्षा में एसपीजी, पूरा प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य अधिकारी मौजूद थे। एएसएल और राज्य खुफिया विभाग की रिपोर्ट मिली थी उसके हिसाब से गार्ड, पट्रोलिंग और कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। बुलेट प्रूफ कार, जैमर्स की भी व्यवस्था थी। धनेरा (जहां राहुल का दौरा था) में एसपी रैंक के 2, डेप्युटी रैंक के 6 अफसर समेत अन्य सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे।'


राजनाथ सिंह ने बताया कि थावर हेलिपैड पर पहुंच कर राहुल गांधी बुलेट प्रूफ कार की तरफ जा रहे थे, तभी उनके पर्सनल सेक्रटरी ने उनसे नॉन बुलेट प्रूफ कार पर बैठने को कहा। राजनाथ ने कहा, 'राहुल गांधी ने एसपीजी के अधिकारियों की बात नहीं मानी, अपने पीएस की बात सुनी। आगे की यात्रा के दौरान भी राहुल ने बार-बार सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया। ऐसी जगहों पर भी रुके जहां उनका कार्यक्रम भी नहीं था।'

राजनाथ ने बताया कि राहुल गांधी ने धनौरा में करीब 5000 की भीड़ को संबोधित किया। वहां विरोध प्रदर्शनकारियों को सुरक्षाबलों ने रोक दिया। कार्यक्रम के जल्द खत्म कर राहुल गांधी हेलिपैड के लिए चल दिए। इसी बीच उनकी कार पर पत्थर फेंका गया जिसमें राहुल को चोट नहीं आई। राजनाथ सिंह के संबोधन के दौरान कांग्रेस सदस्य लगातार हिटलरशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाते नजर आए। राजनाथ सिंह ने बताया, 'इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। थावर में एक बार फिर एसपीजी ने राहुल गांधी बुलेट प्रूफ गाड़ी लेने की सलाह दी। राहुल ने फिर नहीं सलाह मानी।'


राजनाथ सिंह ने अपने जवाब में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को घेरने की कोशिश की। राजनाथ सिंह ने कहा, '31 जुलाई को राहुल गांधी ने राजकोट का दौरा किया था। उस दौरान भी बुलेट प्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया। पिछले 2 वर्षों में 121 निर्धारित और गैर निर्धारित आंतरिक दौरों में राहुल ने बुलेट प्रूफ कार का इस्तेमाल नहीं कर सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ा है।'

राजनाथ ने बताया कि यह मामला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस और राहुल गांधी के संज्ञान में लाया गया है लेकिन उनके कार्यालय से कोई जवाब नहीं आया। राजनाथ सिंह बोले, 'विदेशी दौरों में भी राहुल अपनी यात्रा से कुछ घंटे पहले ही एसपीजी को सूचित करते हैं। इसलिए एसपीजी को सुरक्षा मैनेजमेंट में दिक्कत होती है। दो सालों में राहुल गांधी 6 विदेशी दौरों में 72 दिनों तक बाहर रहे लेकिन एसपीजी कवर नहीं रखा। देश जानना चाहेगा कि वह कहां रहे।'

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर गुजरात दौरे को लेकर हमला बोला। गृहमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को इसपर विचार करने की जरूरत है कि आखिर वे गुजरात में विपक्ष में भी हैं, तो भी उन्हें विरोध का सामना क्यों करना पड़ रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि एक राजनीतिक कार्यकर्ता होने के नाते मुझे लगता है कि राहुल गांधी गुजरात में आपदा राहत कार्यों का जायजा लेने नहीं बल्कि आपदा पर्यटन करने गए थे।