अमेरिका: बार्कली यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी ने किया छात्रों को संबोधित, नोटबंदी पर जमकर बरसे

नई दिल्ली(12 सितंबर): कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार सुबह (भारतीय समयानुसार) को अमेरिका के बार्कली यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित किया।  यहां उन्होंने भारत की ताकत के बारे में बताया। देश के विकास को लेकर अपना विजन रखा, लेकिन वर्तमान सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। 

- उन्होंने दावा किया कि देश में सांप्रदायिक और ध्रुवीकरण करने वाली ताकतें सिर उठा रही हैं। 

- राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी और जल्दबाजी में जीएसटी लागू करने से देश की अर्थव्यवस्था का पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया है। पार्टियों में वंशवाद से जुड़े एक सवाल पर राहुल ने कहा कि पूरा देश ही ऐसा चल रहा है। उन्होंने इसके लिए अखिलेश यादव, स्टालिन से लेकर अभिषेक बच्चन तक के नाम गिनाए। 

- राहुल ने कहा कि देश ने बीते 70 साल में जितनी तरक्की हासिल की है, उसकी विकास की रफ्तार को भारत में सिर उठा रहे ध्रुवीकरण, नफरत की राजनीति मंद कर सकते हैं। राहुल ने कहा कि लिबरल जर्नलिस्ट्स की हत्या की जा रही है, दलितों को पीटा जा रहा है, मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।  - राहुल ने कहा, 'अहिंसा का आइडिया आज खतरे में है। यही विचार है, जो मानवता को आगे ले जा सकता है। नफरत, गुस्सा और हिंसा हमें बर्बाद कर सकता है। ध्रुवीकरण की राजनीति बेहद खतरनाक है।' 

- राहुल ने नोटबंदी के फैसले की जमकर निंदा की। उन्होंने कहा कि नोटबंदी लागू करने के लिए चीफ इकनॉमिक एडवाइजर या संसद तक की राय लेनी जरूरी नहीं समझी गई। राहुल के मुताबिक, नोटबंदी की वजह से जीडीपी में दो पर्सेंट की गिरावट भारत में न तो नई नौकरियां बिलकुल पैदा हो रही हैं, और न ही आर्थिक विकास रफ्तार पकड़ पा रहा है। वहीं, अर्थव्यवस्था को लेकर किए गए कुछ गलत फैसलों की वजह से किसानों की आत्महत्या की रफ्तार में बेतहाशा इजाफा हुआ है। राहुल ने चेतावनी दी कि हाल में सरकार की ओर से लिए गए आर्थिक फैसलों से पूरी की पूरी अर्थव्यवस्था को पटरी से उतर जाने का खतरा है। 

- राहुल ने छात्रों के सवालों का जवाब भी दिया। सिखों के साथ हिंसा को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी दादी सिखों से बेहद प्यार करती थीं और एक वक्त उनके घर में काफी सिख थे। राहुल ने कहा कि उन्होंने हिंसा की वजह से ही अपनी दादी और बाद में पिता को खोया है। ऐसे में अगर वह हिंसा के प्रभाव को नहीं समझेंगे तो कोई और क्या समझेगा? उन्होंने कहा कि वह लोगों को न्याय दिलाने और हिंसा के विरोध के लिए हमेशा खड़े हैं।