'दीवार' की देन हैं जयंत, करुण

नई दिल्ली(21 दिसंबर): इंग्लैंड के साथ खेली गई पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान भारतीय टीम में कई युवाओं का हुनर देखने को मिला। लोकेश राहुल, जयंत यादव और करुण नायर जैसे युवा खिलाडिय़ों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया है।

- सीरीज के दौरान मुश्किल समय में टीम को उभारने का पूरा श्रेय इन युवा खिलाडिय़ों को जाता है, लोकिन जयंत यादव और करुण नायर की सफलता के पीछे राहुल द्रविड का भी हाथ है। इसलिए इन युवा खिलाडिय़ों की कामयाबी के लिए उन्हें भी क्रेडिट जाता है।   लेकिन श्रेय का कुछ हिस्सा सालों तक भारतीय टीम की ‘दीवार’ रहे राहुल द्रविड़ के लिए भी है।

- राहुल एक साल से इंडिया ‘ए’ टीम के कोच हैं और युवा लड़कों को सबसे बड़ी जंग के लिए तैयार कर रहे हैं। जुलाई से अब तक इंडिया ‘ए’ ने सर्वाधिक क्रिकेट खेला है। 2015 में साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज खेली तो अगस्त में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया।

-जयंत यादव, करुण नायर और पार्थिव पटेल इन दौरों में टीम के साथ थे। पार्थिव पटेल ने भी इंटरनैशनल क्रिकेट में सफल वापसी की है। तिहरा शतक जडऩे के बाद नायर ने राहुल द्रविड़ की तारीफ कर कहा कि मैं सोचता हूं कि इंडिया ‘ए’ टीम के दौरों से काफी मदद मिली। राहुल सर हमेशा मेरे लिए बड़े मददगार रहे हैं। मैं राजस्थान रॉल्स के दिनों से उनके साथ रहा हूं। उन्होंने हमेशा मेरा समर्थन किया है।

- वहीं रवि शास्त्री ने भी युवा खिलाडिय़ों को आगे लाने के लिए राहुल द्रविड को अहम हिस्सा माना है। उन्होंने कहा कि जब वह भारतीय टीम का डायरेक्टर था उसी दौरान बीसीसीआई ने राहुल को ए टीम का कोच नियुक्त किया। नायर और यादव जैसे खिलाड़ी पूरी तरह तैयार होकर आए हैं। इसके लिए राहुल द्रविड़ को बहुत क्रेडिट दिए जाने की जरूरत है। वह इन खिलाडिय़ों के साथ बहुत मेहनत कर रहे हैं।' भारतीय टीम के कई अहम खिलाड़ी जिस तरह चोटिल रहे हैं उससे तो यह घरेलू सीजन बहुत निराशाजनक हो सकता था, लेकिन टीम विजय रथ पर सवार है। ऑलराउंडर जयंत यादव और करुण नायर जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी टीम को मिले हैं।