'CM के तौर पर नीतीश के नाम को तैयार नहीं थी पार्टी, लेकिन इस वजह से तय हुआ नाम'

नई दिल्ली (11 सितंबर): बिहार के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन के सलाखों से बाहर निकलते ही लालू और नीतीश के गठबंधन पर एक दूसरे की ओर से हमले शुरू हो गए हैं। शहाबुद्दीन ने पहले नीतीश को हालात का मुख्यमंत्री कहा फिर झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा से तुलना कर दी और अब लालू की पार्टी के सबसे कद्दावर नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने नीतीश कुमार के खिलाफ बड़ा बयान दिया है। 

रघुवंश प्रसाद ने कहा है कि कहां ऑरिजिनल सीएम बन पाता है। रघुवंश प्रसाद ने ये भी कहा कि वो नीतीश के नाम पर तैयार नहीं थे लेकिन गठबंधन में तय होने पर उन्हें मानना पड़ा था। शहाबुद्दीन की रिहाई के बाद बिहार में सियासत की तस्वीर तो बदलती दिख ही रही है। सड़क पर भी पहले दिन से इसका असर दिखना शुरू हो गया। 

जब शहाबुद्दीन भागलपुर सेंट्रल जेल से रिहाई के बाद सिवान जा रहा था तब रास्ते में शहाबुद्दीन के काफिले की किसी गाड़ी ने किसी भी टोल पर पैसे नहीं दिये। आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि जब शहाबुद्दीन का काफिला मुजफ्फरपुर के टोल नाके से गुजर रहा था तब करीब एक सौ कारों का काफिला बगैर पैसे दिये टोल नाका पार हो गया।

एक ओर शहाबुद्दीन की रिहाई को आरजेडी और जेडीयू के नेता कोर्ट की कार्रवाई बताकर नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहे हैं तो दूसरी ओर कई लोगों के बीच शहाबुद्दीन की रिहाई से खौफ पसर गया है। सीवान के पत्रकार राजदेव हत्याकांड के बाद अब राजदेव की पत्नी ने भी शहाबुद्दीन की रिहाई से डरने की बात कही है।