नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ़्तार सुस्त पड़ गई: रघुराम राजन



न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 दिसंबर): भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि नोटबंदी से भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ धीमी हुई है। उन्होंने कहा, 'जिस वक्त ग्लोबल इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही थी, उस वक्त नोटबंदी के लागू होने से भारत की ग्रोथ कम हो गई। '

राजन ने कहा की, 'मैंने इसपर काफी स्टडी की. इसमें पाया है कि 2016 के आखिर में बड़े नोटों को प्रतिबंधित करने का असर भारत की ग्रोथ पर पड़ा है। ' एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ गई है,साल 2017 में दुनिया की अर्थव्यवस्था तेजी से रफ्तार पकड़ी थी, लेकिन हम स्लोडाउन हो गए। '


आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने कहा, 'ग्रोथ न सिर्फ नोटबंदी से प्रभावित हुआ, बल्कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के लागू होने से भी हुआ।  2017-18 में भारतीय इकोनॉमी ग्रोथ 6.7 फीसदी रही. नोटबंदी और जीएसटी लागू किया जाना गलत साबित हुआ।  जीएसटी लंबी अवधि के लिए अच्छा आइडिया है, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसका असर देखने को मिला।'



जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नोटबंदी को लागू करने के लिए कहा गया था? राजन ने कहा कि उन्हें सिस्टम से बड़े नोटों पर प्रतिबंध लगाने पर उनकी राय के लिए कहा गया था, इस पर उन्होंने सोचा था कि वह बुरा विचार था।  बता दें कि राजन तीन वर्ष (2013 से सितंबर 2016 तक) के लिए रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को टेलीविजन पर अपने संबोधन में 500 और 1,000 के नोट को बंद करने की घोषणा की थी। उस समय सरकार ने दावा किया था कि नोटबंदी से कालेधन, जाली मुद्रा और आतंकवाद पर लगाम कसी जा सकेगी।