हाथ में ट्रॉफी लिया ये शख्स है टीम इंडिया का अहम हिस्सा, जीत में रहा इसका रोल

नई दिल्ली(1 फरवरी): टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर 3-0 से मात दी। ये जीत ऐतिहासिक है। मैच जीतने के बाद जब टीम इंडिया को ट्रॉफी सौंपने की बारी आई तो खिलाड़ियों के साथ सपोर्ट स्टाफ भी पहुंचा। आमतौर पर खिलाड़ी ट्रॉफी खुद लेकर फोटो खिंचाते हैं, लेकिन अचानक फोटो सेशन के दौरान ट्रॉफी एक दुबले-पतले से लड़के को थमा दी गई। ये शख्स सबके लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है। इसके बारे में बहुत कम ही लोग को पता होगा। ये वो शख्स जो टीम इंडिया के प्रेक्टिस में अहम रोल निभाता है। इस शख्स का नाम है राघवींद्र। इनको रघु नाम से भी बुलाया जाता है। 

रघु अभ्यास सत्र के दौरान थ्रो-डाउन की जिम्मेदारी निभाते हैं। चाहे नेट्स पर गेंदबाज हों या न हों, रघु लगातार घंटों तक गेंदें फेंकते रहते हैं और भारतीय बल्लेबाजों को अभ्यास कराते हैं। रघु ने सचिन, द्रविड़ जैसे कई दिग्गजों अभ्यास कराया है। 

क्रिकेटर बनना था सपना

कर्नाटक के रघु कई साल पहले क्रिकेटर बनने के सपने के साथ मुंबई आए थे। कुछ साल मुंबई में अभ्यास करने के बाद जब कुछ खास नहीं हुआ तो वो हुबली चले गए। वहां भी सफलता नहीं मिली। अंत में वो बेंगलुरू पहुंचे। कर्नाटक के एक क्रिकेट इंस्टीट्यूट में एक कोच ने रघु की जिम्मेदारी उठाई और वो इस इंस्टीट्यूट से जुड़ गए और देखते-देखते वो वहां की रणजी टीम के थ्रो-डाउन एसिस्टेंट बन गए।

2008 में आखिरकार उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में नौकरी मिल गई और कुछ ही समय में वो टीम इंडिया से जुड़ गए। आज भारतीय टीम में हर खिलाड़ी रघु को अपने भाई की तरह मानता है और रघु भी अभ्यास सत्र के दौरान खिलाड़ियों को अभ्यास कराने में कोई कसर नहीं छोड़ते फिर चाहे उन्हें दिन में कितनी बार भी गेंद फेंकनी पड़े।