कबाडी़ की बेटी ने रचा इतिहास, रियो पैरालिंपिक में करेगी तीरंदाजी

नई दिल्ली (31 जुलाई): हरियाणा की एक बेटी ने इतिहास रच दिया है। एक कबाड़ी की बेटी और जबर्दस्‍त गरीबी के बावजूद हार नहीं मानते हुए पूजा ने पैरालिंपिक खेलों में तीरंदाजी के लिए क्वालिफाई किया है। 

- ऐसा पहली बार है जब पैरालिंपिक में भारत की ओर से कोई महिला तीरंदाज प्रदर्शन करेगी।

- 26 साल की पूजा रोहतक के गढ़ी मोहल्ला की रहने वाली हैं। ​पूजा का दायां पैर चार साल की उम्र में पोलियो का शिकार हो गया था।  - 12 साल बाद रोहतक के एक एनजीओ ने उनका इलाज कराया था। उस दौरान डॉक्टरों ने उनके पैर में क्लिप लगा दी थी। उनका चयन पैरालिंपिक के लिए हुआ है जिसकी शुरुआत रियो में ही ओलिंपिक के खत्म होते ही होगी। 

- जून में हुई विश्व चैंपियनशिप में पांचवा स्थान हासिल करने के बाद पूजा को यह मुकाम हासिल हुआ है।