संभल जाओ पाकिस्तान, अंबाला एयरबेस होगा राफेल का ठिकाना

मनीष कुमार, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(10 सितंबर): भारत-पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय बॉर्डर से 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इंडियन एयर फोर्स का अंबाला एयरबेस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल का ठिकाना होने जा रहा है। राफेल की पहली स्क्वाड्रन की तैनाती अंबाला में की जाएगी। इस बात के आसार हैं कि पहला राफेल विमान अक्टूबर के पहले हफ्ते में इंडियन एयर फोर्स को फ्रांस की कंपनी दासो सौंप देगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहला राफेल विमान लेने के लिए फ्रांस जाएंगे।

अंबाला एयरबेस पर पहले से जगुआर और मिग 21 बाइसन तैनात है। जगुआर अंदर तक घुसकर मार करने वाला फाइटर विमान है। करगिल जंग के दौरान पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार भगाने वाले मिग 21 का स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन में रफाल को शामिल किया जाएगा। तीन साल पहले गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन को खत्म कर दिया गया था क्योंकि मिग 21 फाइटर विमान रिटायर करना पड़ा था। अब गोल्डन ऐरो 17 स्क्वाड्रन को फिर से बहाल करने का फैसला लिया गया।

अंबाला से राफेल के जरिये पाकिस्तान पर नजर रखी जाएगी तो बंगाल के हाशिमारा बेस से चीन की हरकतों पर रफाल नजर रखेगा। मल्टी रोल लड़ाकू विमान राफेल आसमान में मुकाबला करने के साथ दुश्मन के घर में घुसकर वार करने का माद्दा रखता है। राफेल के अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर तैनाती से साफ है भारत दो मोर्चों पर दुश्मन की किसी भी हिमाकत का जवाब देने की तैयारी में जुटा है ताकि जब ऐसा समय आये तो दुश्मन को करारा जवाब दिया जा सके। भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस से 36 रफाल विमान करीब 58000 करोड़ में खरीदने का फैसला किया था। राफेल की कीमत को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक गया लेकिन सरकार को क्लीन चिट मिल गयी। चरणों मे 2022 तक फ्रांस 36 राफेल विमान भारत को सौंप देगा।