राफेल पर निर्मला ने फिर दी सफाई, कहा- दसॉ ने ही किया था अंबानी से करार का फैसला

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 अक्टूबर): राफेल सौदे पर जारी सियासी घमासान के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण फ्रांस के दौरे पर हैं। पेरिस में आज निर्माला सीतारमण की फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से मुलाकत होगी। इससे पहले रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली के साथ भारत और फ्रांस के बीच सामरिक और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तौर तरीकों पर व्यापक बातचीत की। ये बातचीत भारत-फ्रांस रक्षा मंत्रीस्तरीय वार्ता के प्रारुप के तहत हुई जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के बीच शिखर वार्ता दौरान सहमति बनी थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों रक्षामंत्रियों ने परस्पर हित के विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद आपस में बातचीत की। दोनों पक्षों ने अपने सशस्त्र बलों खासकर समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अलावा दोनों देशों द्वारा सैन्य मंचों और हथियारों के सह-उत्पादन पर चर्चा की।वहीं इस मुलाकात से पहले निर्मला सीतारमण ने एकबार फिर राफेल सौदे पर सफाई दी है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि फ्रांसीसी कंपनी दसॉ ने ही राफेल बनाने के लिए अनिल अंबानी की कंपनी से करार किया था और इसमें भारत सरकार का कोई रोल नहीं है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह डील दो सरकारों के बीच थी और ऑफसेट पार्टनर के तौर पर दसॉ ने ही अनिल अंबानी की कंपनी को चुना था।गौरतलब है कि बुधवार को फ्रांसीसी पत्रिका मीडियापार्ट खुलासा किया था कि भारत से राफेल डील में शर्त के तौर पर ऑफसेट डील के तहत राफेल बनाने वाली फ्रांस की कंपनी दसॉ अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस से करार करने को बाध्य थी।दसॉ ने अपने जवाब में कहा कि फ्रांस और भारत के बीच सितंबर 2016 में सरकार के स्तर पर समझौता हुआ था। उसने भारतीय नियमों (डिफेंस प्रॉक्यूरमेंट प्रोसीजर) और ऐसे सौदों की परंपरा के अनुसार किसी भारतीय कंपनी को ऑफसेट पार्टनर चुनने का वादा किया था। इसके लिए कंपनी ने जॉइंट-वेंचर बनाने का फैसला किया।आपको बता दें कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण इस समय तीन दिवसीय यात्रा पर फ्रांस में हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया पार्ट के खुलासे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और यह भी कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पीएम के फैसले को सही साबित करने की प्रक्रिया के तहत फ्रांस गईं हैं।