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सार्वजनिक जीवन लाफ्टर चैलेंज नहीं कि आप किसी को गले लगाओ या आंख मारो- अरुण जेटली

राफेल डील को लेकर जारी सियासी घमासान फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। राफेल विवाद को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला किया है। अरुण जेटली ने कहा कि सार्वजनिक जीवन लाफ्टर चैलेंज नहीं कि आप किसी को गले लगाओ या आंख मारो

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 सितंबर): राफेल डील को लेकर जारी सियासी घमासान फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। राफेल विवाद को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला किया है। अरुण जेटली ने कहा कि सार्वजनिक जीवन लाफ्टर चैलेंज नहीं कि आप किसी को गले लगाओ या आंख मारो। राहुल गांधी के पीएम की चुप्पी के आरोप पर अरुण जेटली ने कहा कि मैं आपको बता देना चाहता हूं कि जिन्हें बोलना था बोल चुके। सिर्फ इसलिए कि कोई झूठ और बेहूदगी का सहारा ले रहा है तो पीएम उस विवाद शामिल हों ये जरूरी नहीं है।फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलां के बयान पर टिप्पणी करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस किसी भी चीज में विश्वास कर सकती है लेकिन आपको मूलभूत तौर तरीके याद रहने चाहिए जो हजारों सालों से चले आ रहे हैं, जो'लोग गलत तथ्य दे सकते हैं लेकिन परिस्थितियां झूठ नहीं बोलती' के तर्ज पर आज भी कायम है।  दरअसल, फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के ने राफेल सौदे को लेकर खुलासा किया कि करीब 58,000 करोड़ रुपए के राफेल करार में दसाल्ट एविएशन के लिए साझेदार के तौर पर रिलायंस डिफेंस के नाम का प्रस्ताव भारत सरकार ने ही रखा था और फ्रांस के पास कोई अन्य विकल्प नहीं था।ओलांद के बयान पर अरुण जेटली ने कहा कि मुझे बिल्कुल हैरानी नहीं होगी अगर यह सब पहले से ही सुनियोजित निकलेगा। 30 अगस्त को राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था, 'पेरिस में कुछ धमाके होने वाले हैं' और उसके बाद वही हुआ जैसा कि उन्होंने कहा था। ओलांद के बयान पर वित्त मंत्री अरुण जेटली आगे कहते हैं कि 30 अगस्त को ट्वीट करते हैं कि फ्रांस के अंदर कुछ बॉम्ब चलने वाले हैं।  यह उनको कैसे मालूम कि बयान ऐसा आने वाला है। ये जो जुगलबंदी है इस तरह की, मेरे पास सबूत नहीं हैं लेकिन मन में प्रश्न खड़ा होता है।साथ ही वित्त मंत्री ने साफ किया कि अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस के आरोपों के बावजूद राफेल डील रद्द नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अगर दर्जनों भारतीय कंपनियां यह कहती हैं कि 56 हजार करोड़ रुपये के एक कॉन्ट्रैक्ट में से 28 हजार करोड़ ऑफसेट के लिए जाने हैं और हम उन 20 कंपनियों में शामिल होना चाहते हैं जो ऑफसेट की आपूर्ति करने जा रहे हैं। यानी हर एक को 2 से 4 हजार करोड़ रुपये मिलेगा। तो फिर यह घोटाला और अप्रासंगिक कैसे हुआ?अरुण जेटली की बड़ी बातें...

- पब्लिक डिसकोर्स लाफ्टर चैलेंज नहीं है, कभी आप किसी को गले लगा लो, आंख मारो फिर गलत बयान 10 बार देते रहो। लोकतंत्र में प्रहार होते हैं लेकिन शब्दावली ऐसी हो जिसमें बुद्धि दिखाई दे- कांग्रेस के आरोपों के बावजूद रद्द नहीं होगी राफेल डील- मैं आपको बता देना चाहता हूं कि जिन्हें बोलना था बोल चुके। सिर्फ इसलिए कि कोई झूठ और बेहूदगी का सहारा ले रहा है तो पीएम उस विवाद शामिल हों ये जरूरी नहीं है- यह बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी है। सर्जिकल स्ट्राइक एक ऐसी चीज है जिसके बारे में देश को गर्व है। अगर आप इसे आपत्तिजनक तरह से देखते हैं तो आपकी देशभक्ति पर सवाल उठना लाज़मी है- कांग्रेस किसी भी चीज में विश्वास कर सकती है लेकिन आपको मूलभूत तौर तरीके याद रहने चाहिए जो हजारों सालों से चले आ रहे हैं, जो'लोग गलत तथ्य दे सकते हैं लेकिन परिस्थितियां झूठ नहीं बोलती' के तर्ज पर आज भी कायम है- 30 अगस्त को ट्वीट करते हैं कि फ्रांस के अंदर कुछ बॉम्ब चलने वाले हैं। यह उनको कैसे मालूम कि बयान ऐसा आने वाला है। ये जो जुगलबंदी है इस तरह की, मेरे पास सबूत नहीं हैं लेकिन मन में प्रश्न खड़ा होता है

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