टैक्स रिटर्न भरते समय ना भूलें ये बातें...

नई दिल्ली (27 जुलाई): टैक्स रिटर्न भरने में चार दिन ही बाकी हैं और आपने फॉर्म डाउनलोड करके भरना शुरू कर दिया होगा। लेकिन अगर आप फॉर्म खुद भर रहे हैं तो कई प्रश्न आपके दिमाग में आ रहे होंगे। वैसे तो आपको टैक्स रिटर्न भरने से जुड़े प्रश्नों का उत्तर आसानी से इंटनेट और एक्सपर्ट्स से मिल जाता है, पर कुछ एक्सपर्ट्स उन्हें इतना साधारण मान लेते हैं और बताना भूल जाते हैं।

दो सालों से ITR फाइल नहीं की, अब कर सकता हूं? यह सच नहीं है कि अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न पिछले कुछ साल फाइल नहीं कर पाएं तो अब करने पर आपको टैक्स विभाग का नोटिस मिल सकता है। विभाग टैक्स चुकाने वालों को परेशान नहीं करता। CBDT के नए सर्कुलर में आपको पिछले छह सालों के लंबित टैक्स रिटर्न फाइल करने का मौका दिया गया है। अगर आपने आज तक टैक्स रिटर्न नहीं भरा रहा तो इस साल से शुरुआत कर सकते हैं।

ब्याज से हुई कमाई को कैसे करें शामिल? टैक्स लग सकने वाली हर कमाई को आपको इनकम टैक्स रिटर्न में शामिल करना होगा।

क्या मुझे अपने सारे बैंक अकाउंट्स की जानकारी देनी होगी? पिछले साल सरकार ने सभी बैंक खातों का ब्यौरा देना अनिवार्य कर दिया था। ध्यान इस बात पर देना है कि अगर आपका कोई बैंक खाता पिछले 24 महीनों से निष्क्रिय है, यानी उसमें कोई लेन-देन नहीं हुआ है तो उस बैंक खाते की जानकारी देना जरूरी नहीं है।

आधार कार्ड की जानकारी देना जरूरी है? नहीं यह जरूरी नहीं है कि आप आधार कार्ड की जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न में दे। लेकिन अगर आप दोनों को लिंक कर देते हैं तो ज्यादा सही रहेगा। लिंक करने से पहले यह देख लें कि आपकी आधार कार्ड और पैन कार्ड जानकारियां एक हों।

कौन सा अड्रेस दें? वोटर आईडी कार्ड, बैंक रिकॉर्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड में अलग-अलग अड्रेस होना आम है। आप कोई भी अड्रेस दे सकते हैं। इनकम टैक्स विभाग आपको ईमेल, फोन मेसेज के द्वारा भी जानकारियां देता रहता है। सही यह रहेगा कि आप अपना हालिया पता ITR में दें।

TDS कटने के बाद भी टैक्स बकाया क्यों दिख रहा है? आप जहां से सैलरी पा रहे हैं वहां आपका टैक्स हर महीने कटता है। यहां तक की बैंक भी ब्याज टैक्स काट कर देता है। अगर स्क्रिन पर टैक्स बकाया दिखा रहा है तो आप कोई अडिशनल इनकम के सोर्स की जानकारी देना भूल गए हैं जैसे आपकी पिछली नौकरी से मिलने वाला पैसा, इंटरेस्ट या कुछ और।

अगर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हुए कोई गलती हो जाए? समय से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का फायदा यह है कि आप उसको समय से पहले रिवाइज या चेक कर सकते हैं। टैक्स रिटर्न प्रोसेसिंग ITR V वेरिफाइ करने के बाद ही शुरू होती है। अगर आपको वेरिफाइ करने के बाद गलती का पता चलता है तो सेक्शन 139(5) के तहत रिवाइजड रिटर्न भर सकते हैं।

कैसे पता चलेगा कि ITR फाइल हो गया है? अगर आप रिटर्न आखिरी दिन फाइल कर रहे हैं तो सर्वर में काफी ट्रैफिक के कारण टैक्स विभाग से कन्फर्मेशन ईमेल या मेसेज मिलने में देर लग सकती है। ITR V का मेल मिलने के बाद ही निश्चिंत हों कि आप का इनकम टैक्स रिटर्न सफलतापूर्वक फाइल हो गया है।