कतर में प्रवासियों को स्थायी निवास की होगी अनुमति

नई दिल्ली ( 3 अगस्त ): कतर में कुछ प्रवासियों को स्‍थायी निवास मुहैया कराने की योजना बनायी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कतर ने ऐतिहासिक कानून पास किया है। कैबिनेट में मसौदे को मंजूरी दी गयी है जो कतर से बाहर के नागरिकों से विवाहित कतर की महिलाओं के बच्‍चों व बेहतर काम करने वाले प्रवासियों को स्‍थायी निवास की अनुमति देगी। यह प्रयास खाड़ी देशों में पहली बार किया गया है जहां विदेशी श्रमिकों पर भारी निर्भरता है।

विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, इस नये कानून के लिए योग्‍य प्रवासियों के लिए आंतरिक मामलों के मंत्री की ओर से स्‍थायी निवास के लिए आइडेंटिटी को मंजूरी दी जा सकती है। खाड़ी अरब देशों में प्रवासी वर्करों पर काफी अधिक निर्भरता है लेकिन वर्करों को वहां की नागरिकता नगण्‍य मामलों में ही मिल पाती है। कतर की जनसंख्‍या 2.7 मिलियन है।

नये कानून के तहत स्‍थायी निवास की सुविधा पाने वाले प्रवासियों को पहली बार वहां की मुफ्त शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं के साथ वहां अपनी संपत्‍ति बनाने का अधिकार मिल सकेगा। प्राप्‍त कर सकेंगे। ऐसे नागरिकों को अपना व्‍यापार शुरू करने के लिए किसी तरह की स्‍थायी नागरिकता की आवश्‍यकता नहीं होगी।

दुनिया के सबसे अमीर देश कतर पर 2022 वर्ल्‍ड कप के लिए काम में जुटे हजारों प्रवासी वर्करों की स्‍थिति में सुधार के लिए अंतरराष्‍ट्रीय दबाव है। सरकार का कहना है कि यह श्रम संशोधन लागू कर रही है। सऊदी अरब समेत चार अरब देशों ने कतर पर आतंक के समर्थन का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध जारी किया है। वर्क स्‍पांसरशिप सिस्‍टम को खाड़ी देशों व कतर में ‘कफाला’ के तौर पर जाना जाता है जिसके तहत विदेशी वर्करों को नौकरी बदलने या देश छोड़ने से पहले अपने मालिक की मंजूरी लेनी होती है। क्‍यूएनए ने बताया कि गृह मंत्रालय में एक कमिटी का गठन किया जाएगा जो स्‍थायी निवास के लिए आइडेंटिटी के दरख्‍वास्‍त की समीक्षा करेगी।