सिंधू ने रचा इतिहास, ओलंपिक में चांदी पक्का करने वालीं पहली भारतीय महिला, अब लड़ेंगी सोने की जंग

रियो (18 अगस्त): रियो ओलंपिक में जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे दो गेमों में हराकर भारत की बैंडमिंटन खिलाड़ी पुसरला वेंकट सिंधू ने चांदी पर कब्जा करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। ओलंपिक में सिल्वर मेडल पक्का करने वाली सिंधू पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। इससे पहले 4 भारतीय महिलाओं ने ब्रॉन्ज ओलंपिक मेडल जीते हैं।अब सिधू सोने की जंग में अपना सर्वश्रेष्ठ देने में कोई कसर नहीं छोड़ेेंगी। रियो ओलंपिक 2016 के बैडमिंटन एकल में सिंधू ने नोजोमी को कोई मौका नहीं देते हुए सीधे दोनों गेम 21-19, 21-10 से अपने नाम करते मुकाबला आसानी से जीत लिया।

पीवी सिंधू ने जापानी प्रतिद्वंद्वी के साथ अपना पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया जबकि दूसरे गेम में भी उन्होंने अच्छी शुरुआत ली की। हालांकि उसके बाद एक के बाद एक उन्होंने कुछ ऐसी गलतियां कीं जिसकी वजह से एक समय स्कोर 10-10 से बराबर हो गया लेकिन आधे गेम के बाद जब सिंधू ने वापसी की तो अपनी जापानी प्रतिद्वंद्वी की एक नहीं चलने दी और मुकाबला 21-10 से अपने नाम कर लिया। यानी दूसरे गेम के दूसरे हाफ ने सिंधू ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को एक भी प्वाइंट नहीं लेने दिया।

इसी के साथ वह फाइनल में पहुंच गई हैं और अब उनसे उम्मीद लगी है कि सिंधू भारत को सोने का तमगा दिला सकती हैं। सिंधू ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला एथलीट गई। सिंधू की जीत के साथ ही रियो ओलंपिक में भारत का दूसरा पदक तय हो गया है। इससे पहले भारत की ओर से कल ही साक्षी मलिक ने कुश्ती में कांस्य पदक जीता है।