आर्थिक तंगी के कारण इस पंजाबी सिंगर ने किया सुसाइड

राजेश गौतम, लुधियाना (30 अप्रैल): मशहूर पंजाबी गीत तुनका-तुनका, चाह तो बिना जल्दी गड्डी, दिल उंगला नाल बनाना समते कई हिट गाने लिखने और गाने वाले दीपू कोकोवालिया यानि दीपक कुमार ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। इस सुसाइड से हर तरफ सनसनी फैली गई। तीन महीने पहले ही दीपक ने अपनी प्रेमिका से शादी की थी।

बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी के चलते दीपक ने आत्महत्या कर ली। दीपक पंजाब के दूसरे सिंगरों की तरह बड़े रॉकस्टार बनना चाहता था। सात महीने पहले तीन चार गाने लिखे थे, जिसे गाकर अल्बम रिलीज़ करना चाहता था। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वो अपने इस सपने को पूरा नहीं कर पाया। पत्नी का कहना है कि कुछ दिनों से तनाव में थे, लेकिन ऐसा कदम उठा लेंगे ये सोचा नहीं था।

दीपक प्रेम नगर टिब्बा रोड का रहने वाला था। गुरूवार को दीपक घर से बाहर गया और कुछ देर के बाद लौटकर आया। मां से चाय मंगी, मां ने चाय बनाकर दी। फिर कोल्ड ड्रिंक के लिए कहा, इधर मां कोल्ड ड्रिंक लेने गई, उधर अपने कमरे में दीपक ने फांसी लगा ली। मां लोटकर आई तो देखा दीपक फंदे से लटका हुआ था। दीपक ने प्लास्टिक की रस्सी का फंदा बनाया था। मां के शोर मचाने पर आस-पड़ोस के लोगों ने तुरंत दीपक को पंखे से उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे ये पता चल सके कि असल में आत्महत्या की वजह क्या है। लेकिन परिवार के मुताबिक काफी समय से आर्थिक तंगी को लेकर वो परेशान रहता था, क्योंकि जिस सपने को साकार करना चाहता था उसमें आर्थिक समस्या बाधा डाल रही थी। गाने तो उसने लिख दिए थे, लेकिन अल्बम कैसे रिलीज़ करे उसके लिए उसके पास पैसा नहीं था।

दीपक आर्थिक तंगी से घर को उभारने और अपने सपने को पूरा करने के लिए एक फैक्ट्री में काम भी करता था। दीपक की पत्नी मायके में रहती थी। अपने ससुराल तो कभी अपने परिजनों के पास रहता था। बुधवार रात को वो अपने माता पिता के पास सो गया और दूसरे दिन घर से दीपक की लाश निकली।

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