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पंजाब: पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए दो आतंकियों ने किए बड़े खुलासे

पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने करीब एकक हफ्ता पहले मोहाली एयरपोर्ट से होशियारपुर के लखबीर सिंह और सुरेंद्र कौर को गिरफ्तार किया था। सुरेंद्र कौर लुधियाना में नर्स का काम करती है जबकि लखबीर सिंह दुबई में बतौर ड्राइवर काम कर रहा था

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विशाल एंग्रीश, न्यूज 24 ब्यूरो, चंडीगढ़ (12 नवंबर): पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने करीब एकक हफ्ता पहले मोहाली एयरपोर्ट से होशियारपुर के लखबीर सिंह और सुरेंद्र कौर को गिरफ्तार किया था। सुरेंद्र कौर लुधियाना में नर्स का काम करती है जबकि लखबीर सिंह दुबई में बतौर ड्राइवर काम कर रहा था और फिलहाल भारत आया हुआ था। इन दोनों को खालिस्तानी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने कोर्ट में इन आरोपियों को पेश करके 6 दिन का पुलिस रिमांड ने भी लिया था। इन दोनों ने अब पुलिस रिमांड में खुलासा किया है कि इनको जल्द ही बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान से ISI की मदद से विदेशों में बैठे खालिस्तानी आतंकियों द्वारा एक हैंड ग्रेनेड की खेप भेजी जानी थी, जिसे आगे इन्हें पंजाब में एक्टिव खालिस्तानी आतंकियों और उनके स्लीपर सेलों को डिलीवर करना था। इन दोनों को विदेशों में बैठे खालिस्तानी आतंकियों द्वारा लगातार फंडिंग की जा रही थी। 

सुरेंद्र कौर की उम्र 33 वर्ष है वो अविवाहित है और मूल रूप से पंजाब के फरीदकोट की रहने वाली है और लुधियाना में नर्स का काम कर रही थी लेकिन नर्सिंग के काम की आड़ में वो खालिस्तानी गतिविधियों में लिप्त थी। 23 साल का लखबीर सिंह होशियारपुर का रहने वाला है और दुबई में ड्राइवर की नौकरी कर रहा था और दुबई में ड्राइविंग की नौकरी की आड़ में पंजाब में टेरर मॉड्यूल खड़ा कर रहा था और फंडिंग कर रहा था। पिछले महीने ही दुबई से होशियारपुर अपने घर आया था। इन दोनों की कॉल डिटेल और बैंक अकाउंट से पुलिस ने ट्रेस किया कि ये दोनों खालिस्तानी समर्थक आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।

पुलिस रिमांड में अब इन दोनों आतंकियों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। इनके मुताबिक पंजाब में हमले करने के लिए इनको विदेशों में बैठे खालिस्तानी समर्थक आतंकियों की तरफ से ISI के सहयोग से हैंड ग्रेनेड की एक खेप आनी थी जिसे इन्हें पंजाब में तैयार हो रहे स्लीपर सेलों और खालिस्तानी आतंकियों तक पहुंचाना था। ये दोनों मिलकर पंजाब के हिंदू नेताओं पर हमला करने की साजिश रच रहे थे और विदेशों में बैठे खालिस्तानी समर्थक आतंकियों के इशारे पर पंजाब में खालिस्तान आतंकवाद को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। इन दोनों को विदेशों से फंड मिल रहा था। खालिस्तानी समर्थक जो विदेशों में छुप कर बैठे हैं वो इन दोनों को दुबई के रास्ते फंडिंग कर रहे थे। ये महिला और युवक लगातार युवकों को खालिस्तान के नाम पर भड़का कर अपने टेरर मॉड्यूल में जोड़ रहे थे। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से इनको जल्द ही भारत-पाक सीमा से हैंड ग्रेनेड की एक खेप मिलने वाली थी जिससे इनको पंजाब के बड़े हिंदू नेताओं को टारगेट करवाना था।इन लोगों का इरादा था हिंदू नेताओं को निशाने पर लेकर ये पंजाब में सांप्रदायिक अमन-चैन बिगाड़ देंगे और पंजाब में एक बार फिर से आतंकवाद बढ़ना शुरू हो जाएगा।

इसके अलावा विदेशों में बैठे खालिस्तानी आतंकियों के कहने पर ये लगातार पहले से ही पंजाब में सक्रिय खालिस्तान समर्थक आतंकियों द्वारा चलाए जा रहे स्लीपर सेलों के संपर्क में थे और उन तक पैसा और हथियार भेजने की कोशिश कर रहे थे। पंजाब पुलिस ने इन लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक अकाउंट और कॉल डिटेल्स के जरिए इनकी साजिश को बेनकाब किया। फिलहाल इन दोनों को सोमवार मोहाली कोर्ट ने एक बार फिर से दो दिनों के पुलिस रिमांड पर पंजाब पुलिस को सौंप दिया है। पंजाब में लगातार खालिस्तान समर्थक आतंकी माहौल बिगाड़ने की कोशिश में लगे हैं और लगातार खालिस्तान आतंकवाद के मॉड्यूल और स्लीपर सेल खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ये पहला ऐसा बड़ा मामला है जिसमें एक पढ़ी-लिखी महिला जोकि नर्स का काम कर रही थी वो खालिस्तान टेरर मॉड्यूल को खड़ा करने के लिए भी लगातार कोशिश कर रही थी।

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