110 घंटे बाद फतेहवीर सिंह के बोरवेल से निकाला गया, हालत नाजुक, चंडीगढ़ PGI में कराया गया भर्ती

sangrurविशाल एंग्रीश, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 जून ): पंजाब के संगरूर में 120 फीट बोरवेल में गिरे फतेहवीर सिंह को आखिरकार 110 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बच्चे की हालत काफी नाजुक बतायी जा रही है। फतेहवीर सिंह को फिलहाल चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया गया है। आपको बता दें कि 2 साल का फतेहवीर सिंह बीते गुरुवार को तकरीबन 4 बजे खेलते-खेलते 140 फीट बोरवेल में जा गिरा था। लेकिन, बोरवेल की चौडाई कम होने की वजह से वह 120 फीट पर अटक गया था। जिसके रेस्क्यू के लिए पिछले 5 दिनों से एनडीआरएफ समेत कई टीमें लगी हुई थी।

फतेहवीर को बाहर निकालने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया है। फतेहवीर सिंह के बोरवेल में फंसे होने की सूचना मिलते ही सेना-एनडीआरएफ की टीमें उसे बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। बचावकर्मियों की कड़ी मशक्त के बाद आखिरकार सफलता मिल गई। बच्चे को आज बोरवेल के समानांतर खोदी गई टनल की मदद से बाहर निकाल लिया गया। वहीं किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और एंबुलेंस की टीमें पहले से मौके पर मौजूद थी। इसी बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह साढ़े पांचवें दिन शाम करीब 6 बजे पहुंचे। इससे पहले दोपहर में सीएम ने भी ट्वीट कर पूरे मामले पर नजर होने की बात लिखी।

आपको बता दें कि फतेहवीर, सुखविंदर की इकलौती संतान हैं। सुखविंदर सिंह और गगनदीप कौर की शादी करीब 7 साल पहले हुई थी। पांच साल की मन्नतों के बाद उन्हे फतेहवीर सिंह हुआ था। 10 जून को वो 2 साल का हुआ। बताया जा रहा है कि गुरुवार 6 जून की शाम करीब पौने 4 बजे फतेहवीर खेलते-खेलते पास ही स्थित 9 इंच चौड़े और 150 फीट गहरे बोरवेल में खेलते-खेलते जा गिरा था। मां गगनदीप कौर की नजर उस पर पड़ गई थी और उसने बच्चे को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन पाइप पर ढके प्लास्टिक के जिस कट्‌टे पर बच्चे का पैर पड़ा था, उसका महज एक छोटा सा टुकड़ा ही गगनदीप कौर के हाथ में आया। आसपास के इलाके के हजारों लोग और प्रशासन फतेहवीर की जान को बचाने में पूरी ताकत झोंक दी थी। भीषण गर्मी के बीच लोग पूरी तरह से बच्चे को बचाने में जी जान से जुटे थे। फतेहवीर सिंह के सुरक्षित बाहर निकालने को लेकर इलाके में दुआएं मांगने, प्रार्थना और अरदास करने का सिलसिला लगातार जारी है। लोग, गुरुद्वारा साहिब, मंदिरों में पूजा अर्चना करके फतेहवीर के लिए दुआएं मांग रहे थे।