पंजाब पुलिस भर्ती: डोप टेस्ट के डर से 1938 कैंडिडेट आए नहीं

  नई दिल्ली(28 जुलाई): पंजाब पुलिस में बुधवार को शुरू हुई कान्स्टेबल्स की भर्ती प्रक्रिया में पहली बार रखे गए डोप टेस्ट के डर से पहले ही दिन 24 फीसदी नौजवान यानी 1938 कैंडिडेट ट्रायल के लिए नहीं पहुंचे। राज्यभर में 8250 कैंडिडेट्स का फिजिकल ट्रायल हुआ। इनमें से 368 का डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया।

पुलिस भर्ती: डोप टेस्ट के डर से 1938 कैंडिडेट आए नहीं, पहले दिन 368 पॉजिटिव मिले

इनके लिए गए यूरिन के सैंपल में से प्रतिबंधित ड्रग के अंश पाए जाने से इन्हें डोप टेस्ट में पॉजिटिव करार दिया गया। सबसे ज्यादा डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने वाले युवा मालवा से हैं। फिरोजपुर से सबसे ज्यादा 21 नौजवान पॉजिटिव पाए गए। दूसरे नंबर पर सीएम के जिला मुक्तसर और मोगा जिले में 19-19 नौजवान बाहर हुए। करीब 7416 काॅन्स्टेबल्स की भर्ती की जा रही है। इसके बाद 4000 अन्य काॅन्स्टेबल्स की भर्ती की जाएगी। डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने वाले कैंडिडेट्स पर किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, बल्कि उनका इलाज कराया जाएगा।

डोप पॉजिटिव युवकों पर नहीं होगा केस, फिर मिलेगा मौका

पंजाब में डोप टेस्ट में 368 कैंडीडेट पॉजिटिव मिले हैं। सबसे ज्यादा 136 नौजवान मालवा से थे। इसमें मुक्तसर, मोगा और फिरोजपुर से 59 नौजवान थे। दूसरे नंबर पर मानसा और जालंधर में 18 नौजवान डोप टेस्ट में पॉजिटिव मिले। बठिंडा, फरीदकोट और संगरूर में 17-17 पॉजिटिव रहे। सबसे कम लुधियाना और होशियारपुर में 4-4 पॉजिटिव केस मिले।

नवांशहर में 8 और रोपड़ में 5 केस पॉजिटिव पाए गए। जिन 368 युवाओं काे डोप पाॅजिटिव पाया गया, उनमें एमसिटामाइन, बेनजोडाइजापाइन, मारिजुआना, मोरफिन, प्रोपोक्सीफाइन पाई गई। इन पर केस नहीं होगा। सरकार इन्हें फिर भर्ती का मौका देगी।

इलाज कराया जाएगा...

इस संबंध में भर्ती के मुख्य नाेडल अफसर एडीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता ने बताया कि जिन्होंने इस भर्ती के दौरान हुई दौड़ के लिए नशा किया होगा या थोड़ी मात्रा में लेते होंगे उनकी इलाज किया जाएगा और उनको इसी दो महीने की भर्ती प्रक्रिया के दौरान विशेष मौका दिया जाएगा। डॉक्टरों ने उनको संबंधित नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज कराने के लिए रेफर किया है। इलाज के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि वे कौन-कौन सा नशा करते हैं और उसी के अनुसार ट्रीटमेंट किया जाएगा।