नाभा जेल ब्रेक: हॉन्गकॉन्ग में रची गई जेल तोड़ने की साजिश

 

पटियाला(14 फरवरी): पिछले साल 27 नवंबर को पंजाब की नाभा जेल से भागे गैंगस्टर पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार हॉन्गकॉन्ग स्थित कंट्रोल रूप के संपर्क में थे। यह खुलासा जेल ब्रेक कांड के मास्टरमाइंड गुरप्रीत सिंह सेखों ने किया।

- गौरतलब है कि रविवार को पंजाब पुलिस ने सेखों को मोगा के ढुड्डीके गांव से पकड़ा है। पंजाब पुलिस की यह बड़ी कामयाबी है।

- पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 'पिछले साल जून माह में जमानत पर बाहर आया गैंगस्टर हरमिंदर सिंह रोमी, पुलिस को चकमा देकर देश से बाहर चला गया था। हरमिंदर ही हॉन्गकॉन्ग में बैठकर वह कंट्रोल रूम चला रहा है। वह इंटरनेट और टेलिकम्यूनिकेशन के जरिए अपराधियों के संपर्क में था।'

- पटियाला रेंज के डीआईजी आशीष चौधरी ने बताया कि 'हमारे लिए इन गैंगस्टर्स की गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो गया था, क्योंकि ये लोग इंटरनेट टेलिफोनी का प्रयोग कर रहे थे और सीधे एक-दूसरे से कोई संवाद नहीं कर रहे थे। यहां तक की अपने परिवारों से भी इनका सीधे तौर पर कोई संपर्क करने के संकेत नहीं मिले। रोमी ही इन लोगों के संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा था।' रोमी लेटेस्ट डिवेलपमेंट के बारे में सारी जानकारी इन लोगों को पहुंचाता था।

- चौधरी के अनुसार, रोमी ने ही जेल ब्रेक के लिए सुविधाएं मुहैया कराईं। वह अनेक तरीकों और सूत्रों के माध्यम से अपराधियों को फंड मुहैया करा रहा था। इसी फंड से अपराधियों ने हथियार खरीदे। पंजाब पुलिस रोमी को वापस भारत लाने के प्रयास में जुटी है। इसी दिशा में पंजाब पुलिस ने इंटरपोल से संपर्क साधा है ताकि रोमी के नाम का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा सके। चौधरी ने आगे बताया कि सेखों अपने कजिन मनविंदर और कुलविंदर सिंह के साथ जाली पासपोर्ट के जरिए देश की सीमा से बाहर जाने की जुगत में था। साथ ही देश छोड़ने से पहले अपने दुश्मन गैंगस्टर पर हमले की प्लानिंग उसने बना रखी थी।

- डीआई जी ने बताया कि अपराधियों ने जेल से भागने के बाद अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया। सेखों ने अपनी दाड़ी मूछ हटाने के साथ ही पहनावा भी बदल लिया। इसके चलते पुलिस को इन अपराधियों के पहचानने में कुछ वक्त लग गया। जैसे ही पुलिस को क्लियर हुआ कि ये सभी नाभा से भागे हुए गैंगस्टर हैं, पुलिस ने इन्हें पकड़ने में पूरी ताकत झोंक दी।

- ज्ञात हो, नाभा जेल ब्रेक कांड की देशभर में चर्चा हुई थी। इस जेल ब्रेक पर जमकर सिसायत भी हुई थी। हाल ही पटियाला पुलिस को सूचना मिली थी कि मोगा के ढुड्डीके गांव में एक घर में कुछ बदमाश छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने उस मकान को घेर लिया। बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ के बाद आखिरकार पुलिस 4 बदमाशों को गिरफ्तार करने में कामयाब हुई। पकड़े गए अपराधियों में जेल ब्रेक कांड का मास्टरमाइंड गुरप्रीत सेखों भी शामिल है।