पठानकोट: 5 दिन पहले मिला था हमले का अलर्ट, दो ग्रुप में आए थे आतंकी

पठानकोट (5 जनवरी): ऑपरेशन पठानकोट पर बड़ा खुलासा हुआ है। एयरबेस पर हमले से पहले आतंकियों ने जिस राजेश वर्मा नाम के शख्स से मारपीट की थी उनके मुताबिक आतंकी दो ग्रुप में हमले के लिए आए थे। जिनमे से एक ग्रुप के दो आतंकी 31 दिसंबर से पहले ही एयरबेस में दाखिल हो गए थे जबकि बाकी के चार पहली तारीख की सुबह में एयरबेस में घुसे थे।

एसपी को किडनैप के बाद आतंकियों ने की आकाओं से बात आतंकी कमांडर- तुमलोग अभी तक एयरबेस में क्यों नहीं पहुंचे । जबकि दो लोग पहले ही लक्ष्य तक पहुंच गए हैं । आतंकी- अभी हम रास्ते में ही हैं । एयरबेस तक नहीं पहुंचे हैं क्योंकि रास्ते में पुलिस के कई नाके थे।

पठानकोट एयरबेस को दहलाने से पहले की ये बातचीत आतंकी और उसके आका की है। जिसमें आतंकियों का आका उन्हे फटकार कर रहा है कि वे अपने लक्ष्य से पीछे कैसे रह गए। जबकि बाकी के उनके दो साथी पहले ही एयरबेस में दाखिल हो चुके हैं।

घंटों तक सड़क पर घुमाते राजेश को एसपी को छोड़ने के बाद आतंकी राजेश को गाड़ी में बैठाए रखे और कई घंटों तक सड़क पर घुमाते रहे। इस दौरान आतंकियों ने राजेश पर कई हमले भी किए। चाकुओं से उनकी गर्दन पर वार किया और फिर मरा समझकर गाड़ी से फेंक दिया।

दो ग्रुप में आए थे आतंकी लेकिन जैसे तैसे जान बचाकर आतंकियों की चंगूल से बचे राजेश के इस खुलासे से हड़कंप गया है। राजेश के मुताबिक आतंकी दो ग्रुप में आए थे। जिसमें से दो आतंकी 31 दिसंबर से पहले ही एयरबेस कैंपस में दाखिल हो चुके थे जबकि चार आतंकी एक जनवरी की सुबह एयरबेस में दाखिल हुए।

एयरबेस के पास मिली थी आतंकियों की गाड़ी आतंकियों की गाड़ी एक तारीख की सुबह ही एयरबेस के पास से बरामद की गई थी। ये वही गाड़ी थी जिसमें एसपी और उनके दोस्त पाठनकोट से गुरदासपुर जा रहे थे। जांच में जुटी पुलिस ने भी आतंकियों के घुसने की आशंका के मद्देनजर देर उसी दिन शाम को पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया था ।

एयरबेस की सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल पहले 2 और फिर 4 की संख्या में आए आतंकियों के खुलासे ने सबसे सुरक्षित माने जाने वाले एयरबेस की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल इसलिए भी क्योंकि खुफिया सूत्रों ने पहले ही ऐसे हमले के लिए अगाह किया था । बावजूद इसके भारी असलहों से लैस आतंकी एयरबेस में तबाही मचाने के लिए कई दिनों तक छिपे रहते हैं और सुरक्षा एजेसिंयों को कुछ पता ही नहीं चलता।